Uttarakhand: उत्तराखंड की आत्मनिर्भरता के लिए कृषि उद्योग और पर्यटन बने मुख्य आधार

गैरसैंण। आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प के साथ राज्य सरकार ने अपनी विकास यात्रा को नई गति देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों—कृषि, उद्योग और पर्यटन—को ‘ग्रोथ ड्राइवर्स’ के रूप में चिन्हित किया है। सरकार का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों के संतुलित विकास से राज्य की उत्पादकता बढ़ेगी, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे। इसी मंशा के अनुरूप बजट में इन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बजट की भारी डोज दी है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन एप्पल’ हेतु 42 करोड़ रुपये और कीवी व ड्रैगन फ्रूट के प्रोत्साहन के लिए 30.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। किसानों की फसलों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु घेराबड़ के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना में 20 करोड़ और उद्यान बीमा योजना के लिए 40 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में चाय विकास के लिए 25.93 करोड़ और ‘महक क्रांति’ के जरिए सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और स्वरोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की सहायता योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का बजट रखा है। युवाओं को अपने उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु 60 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये और ‘स्टार्टअप वेंचर फंड’ के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि सुनिश्चित की गई है। साथ ही, मेगा इंडस्ट्रियल और मेगा टेक्सटाइल नीति के तहत अनुदान के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए भी बड़ी धनराशि खर्च की जाएगी। विभाग के पूंजीगत कार्यों के लिए 296.45 करोड़ और राजस्व मद में 210.59 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वैश्विक स्तर के पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए 10 करोड़ और ईको-टूरिज्म गतिविधियों के विस्तार हेतु 18.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योग दिवस के भव्य आयोजन के लिए भी बजट में अलग से व्यवस्था की गई है। इन प्रयासों के माध्यम से पुष्कर सिंह धामी सरकार राज्य की आर्थिकी को मजबूत कर प्रत्येक नागरिक को समृद्ध बनाने की दिशा में अग्रसर है।

 

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