चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रवासी पंजाबियों से अपील की है कि वे राज्य की प्राचीन महिमा और गौरव को पुनः बहाल करने के लिए आगे आएं और सक्रिय भूमिका निभाएं। चंडीगढ़ में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक-2026’ के दौरान दुनिया भर से आए कानूनी विशेषज्ञों और गणमान्य हस्तियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने विशेष रूप से उन सिख न्यायाधीशों और वकीलों का स्वागत किया जो अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर जैसे देशों से अपनी जड़ों की ओर वापस लौटे हैं।
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए चंडीगढ़ को चुनने पर आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि दुनिया भर के प्रबुद्ध कानूनी मस्तिष्क एक मंच पर एकत्रित हुए हैं। भगवंत मान ने विदेशों में पंजाबियों द्वारा हासिल की गई सफलताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण से न केवल उनका बल्कि पूरे पंजाब का सिर फक्र से ऊंचा हुआ है। उन्होंने पंजाब को महान गुरुओं, संतों और आध्यात्मिक नेताओं की पवित्र भूमि बताते हुए इसे देश का ‘अन्न भंडार और तलवार’ (फूड बाउल एंड स्वॉर्ड आर्म) करार दिया।
राज्य के सामाजिक ताने-बाने पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है, जहाँ आपसी भाईचारा और सम्मान की जड़ें इतनी गहरी हैं कि यहाँ नफरत कभी पनप नहीं सकती। उन्होंने अमृतसर का उदाहरण देते हुए कहा कि श्री हरमंदिर साहिब और दुर्गियाना मंदिर जैसे स्थान सार्वभौमिक भाईचारे के प्रतीक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में घरेलू हिंसा, वित्तीय अपराध, जनहित याचिका और पर्यावरण कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होने वाली चर्चा आम जनता के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों का विवरण देते हुए भगवंत मान ने बताया कि 2022 से अब तक 159 लॉ अधिकारियों की भर्ती की गई है। सरकार ने पारदर्शिता और सुगमता के लिए राज्य के 53 अधिनियमों का पंजाबी में अनुवाद कर ‘इंडियन कोड पोर्टल’ पर अपलोड किया है। इसके अलावा, मोहाली में एनआईए एक्ट के तहत एक विशेष अदालत और जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर सहित छह जिलों में प्रवासियों (NRI) के लिए विशेष अदालतों की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि संगरूर और तरनतारन में फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें काम कर रही हैं। साल 2023 से अब तक राज्य में अदालती बुनियादी ढांचे को सुधारने पर 48.82 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों तक न्याय की आसान पहुँच सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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