Himachal: हिमाचल राज्यसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन और मुख्यमंत्री सुक्खू ने आलाकमान संग की चर्चा – The Hill News

Himachal: हिमाचल राज्यसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में मंथन और मुख्यमंत्री सुक्खू ने आलाकमान संग की चर्चा

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में उम्मीदवार के नाम को लेकर मंथन अब अपने अंतिम दौर में पहुँच गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू रविवार को शिमला से दिल्ली पहुँचे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें संभावित प्रत्याशी के नाम पर विस्तार से चर्चा की गई।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व इस बार हिमाचल से बाहर के किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेजने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय लेने से पहले राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, विधायकों की व्यक्तिगत राय और भविष्य के समीकरणों को बारीकी से परखा जा रहा है। पिछले राज्यसभा चुनाव के कड़वे अनुभवों और क्रॉस वोटिंग की घटना को देखते हुए इस बार आलाकमान कोई भी जोखिम मोल लेने के पक्ष में नहीं है। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश के नेताओं की भावनाओं और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए अपनी राय आलाकमान के समक्ष रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार चाहे जो भी हो, पार्टी नेतृत्व का फैसला सभी को स्वीकार्य होगा।

दिल्ली प्रवास के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और फेरबदल को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि मंत्रिमंडल के किसी मौजूदा सदस्य को राज्यसभा भेजा जाता है, तो कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उम्मीदवार की दौड़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ-साथ प्रतिभा सिंह, कौल सिंह ठाकुर और मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। माना जा रहा है कि पार्टी अगले एक-दो दिनों में अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देगी। दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल भाजपा वर्तमान में ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति पर काम कर रही है। भाजपा कांग्रेस के प्रत्याशी के चयन का इंतजार कर रही है। यदि कांग्रेस किसी बाहरी चेहरे को मैदान में उतारती है, तो भाजपा भी अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी भेंट कर सकते हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा हिमाचल को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की बहाली और राज्य की अन्य लंबित वित्तीय परियोजनाओं पर चर्चा करना होगा। पिछले दिल्ली दौरे के समय व्यस्तता के चलते यह मुलाकात नहीं हो पाई थी, इसलिए इस बार इसे काफी अहम माना जा रहा है। फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें दिल्ली में चल रहे इस सियासी घटनाक्रम पर टिकी हैं।

 

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