हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी में एक जनसेवक के रूप में नजर आए। उन्होंने यहाँ सुप्रसिद्ध ‘थाल सेवा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्वयं एक ‘थाल सेवक’ की भूमिका निभाते हुए कतार में खड़े जरूरतमंदों को अपने हाथों से भोजन परोसा। इस दौरान मुख्यमंत्री के चेहरे पर सेवा का संतोष साफ झलक रहा था। उन्होंने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि थाल सेवा केवल पेट भरने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं की एक जीवंत मिसाल है जो समाज के वंचित वर्गों को संबल प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हल्द्वानी का सुशीला तिवारी अस्पताल कुमाऊँ क्षेत्र का एक बड़ा चिकित्सा केंद्र है, जहाँ प्रदेश के सुदूरवर्ती और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुँचते हैं। अक्सर इन मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को रहने और खाने के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में थाल सेवा जैसी पहल इन परिवारों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने घर से दूर संकट के समय में होता है, तब प्रेम और सम्मान के साथ खिलाया गया भोजन उसे मानसिक शक्ति भी देता है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने इस अभियान से जुड़े सभी स्वयंसेवकों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह के प्रयास ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। धामी के अनुसार, यह सेवा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के उस मूल मंत्र को धरातल पर उतारती है, जिस पर सरकार और समाज को मिलकर चलना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अन्य लोग भी इस तरह के पुनीत कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
टीम थाल सेवा के अध्यक्ष उमंग वासुदेवा ने इस मौके पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और बताया कि यह सेवा पिछले कई वर्षों से बिना रुके संचालित की जा रही है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस अभियान से गहरा निजी जुड़ाव है। धामी प्रत्येक माह के एक दिन की थाल सेवा का संपूर्ण व्यय स्वयं वहन करते हैं। मुख्यमंत्री के इस निरंतर सहयोग ने न केवल इस अभियान को मजबूती दी है, बल्कि अन्य दानदाताओं को भी आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया है।