देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के बालावाला में आयोजित ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक साधारण सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज की चेतना, एकता और आत्मगौरव को प्रदर्शित करने वाला एक महापर्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज हिंदू समाज पूरी तरह जागृत है और अपनी संस्कृति एवं राष्ट्र के प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए संगठित हो रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में इस तरह के विराट हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि वे विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 100 वर्षों में संघ ने देश के सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत किया है और जन-जन के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना को गहराई से स्थापित किया है। शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और समाज कल्याण जैसे विविध क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवकों ने बिना किसी स्वार्थ के अपना अमूल्य योगदान दिया है।
भारत की विविधता का उल्लेख करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भले ही हमारे देश में भाषा, जाति और क्षेत्र के आधार पर भिन्नताएं हों, लेकिन संघ ने हमेशा इन भेदभावों से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकात्मता को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर बल देते हुए कहा कि हमारी पूजा पद्धतियां और जीवन शैली अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारे मूल मानवीय मूल्य एक ही हैं। हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जो भारत को अपनी मातृभूमि और पितृभूमि मानता है और यहां की परंपराओं का आदर करता है, उसकी पूजा-पद्धति चाहे कोई भी हो, उसकी आत्मा हिंदू है। हिंदुत्व हमें सिखाता है कि हमारी विविधताएं ही हमारी असली शक्ति हैं और हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है।
राज्य सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए निरंतर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून का हवाला देते हुए बताया कि ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर सभी को समान अधिकार दिए हैं। इसके अलावा, राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था के लिए मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है और ‘हिन्दू स्टडी सेंटर’ की स्थापना कर सनातन संस्कृति पर शोध करने वाले युवाओं की मदद की जा रही है।
इस कार्यक्रम में विधायक बृज भूषण गैरोला, पार्षद प्रशांत खरोला, ब्रह्मचारी केशर स्वरूप, ललित बुड़ाकोटी, सुभाष बड़थ्वाल और गोपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।