ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में सोमवार को एक घर में रसोई गैस सिलेंडर फटने से भीषण हादसा हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद घर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। अचानक हुए इस विस्फोट और आगजनी से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी तुरंत दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों को इसे बुझाने में काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों की कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका, जिससे पास के अन्य घरों को इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया। हालांकि, इस दुर्घटना में घर के भीतर रखा काफी सामान जलकर राख हो गया है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिलेंडर फटने के सही कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं गैस रिसाव की वजह से यह हादसा तो नहीं हुआ। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में गैस सिलेंडर की अवैध रिफिलिंग की गतिविधियों को लेकर गंभीर संदेह जताया है। लोगों का आरोप है कि रिहाइशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर गैस की हेराफेरी की जा रही है, जो इस तरह के बड़े हादसों को जन्म दे रही है।
गौरतलब है कि ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में अवैध गैस रिफिलिंग का काला धंधा लंबे समय से फल-फूल रहा है। बीते तीन फरवरी को भी नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने लक्कड़घाट रोड स्थित एक घर पर छापा मारकर बड़े स्तर पर हो रही अवैध रिफिलिंग का पर्दाफाश किया था। उस समय विभाग ने मौके से 146 व्यावसायिक और घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए थे। चंद्रेश्वर नगर की ताज़ा घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और संबंधित विभाग अब इस कोण से भी जांच कर रहे हैं कि क्या सोमवार को हुआ यह हादसा भी इसी तरह की किसी अवैध गतिविधि का परिणाम तो नहीं था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।