Himachal: राज्यपाल ने दो प्रमुख विधेयकों को दी नामंजूरी, बजट सत्र के पहले दिन पुनर्विचार के लिए सदन में होंगे पेश – The Hill News

Himachal: राज्यपाल ने दो प्रमुख विधेयकों को दी नामंजूरी, बजट सत्र के पहले दिन पुनर्विचार के लिए सदन में होंगे पेश

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में राजभवन और सरकार के बीच विधायी प्रक्रियाओं को लेकर खींचतान की स्थिति सामने आई है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राज्य सरकार द्वारा पारित दो महत्वपूर्ण विधेयकों को अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। ये विधेयक शिमला नगर निगम के मेयर के कार्यकाल विस्तार और ‘रेरा’ (RERA) अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव से संबंधित हैं। राज्यपाल की ओर से हरी झंडी न मिलने के कारण अब इन दोनों विधेयकों को आगामी सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन सदन में पुनर्विचार के लिए रखा जाएगा।

पहला मामला शिमला नगर निगम के मेयर के कार्यकाल से जुड़ा है। वर्तमान नियमों के अनुसार मेयर का कार्यकाल ढाई वर्ष का होता है, जिसे प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक-2025 के माध्यम से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव दिया था। इस विधेयक पर पुनर्विचार का प्रस्ताव लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सदन में पेश करेंगे। सरकार का तर्क है कि कार्यकाल बढ़ने से नगर निगम के विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी, हालांकि राज्यपाल ने फिलहाल इस पर अपनी सहमति नहीं जताई है।

दूसरा विवादित विधेयक ‘रेरा’ अध्यक्ष की नियुक्ति समिति में किए गए संशोधनों से संबंधित है। भू-संपदा (विनियमन और विकास) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक-2025 के तहत सरकार ने चयन समिति के अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव किया था। इसमें प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर प्रदेश के मुख्य सचिव को समिति का अध्यक्ष बनाने का प्रावधान किया गया था। राज्यपाल ने नियुक्ति प्रक्रिया में इस बदलाव को उचित न मानते हुए विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है। अब नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी इसे दोबारा सदन के पटल पर रखेंगे।

विधानसभा सत्र की कार्यसूची के अनुसार, बजट सत्र के पहले चरण की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद पूर्व विधायक भगत राम चौहान के निधन पर शोक प्रकट किया जाएगा। सत्र के पहले ही दिन संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान केंद्र सरकार द्वारा बंद किए गए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की बहाली को लेकर एक सरकारी संकल्प भी पेश करेंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इन विधेयकों पर सदन में फिर से चर्चा कर संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का बजट कब पेश किया जाएगा, इसकी तिथि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह सत्र के दूसरे चरण में होगा। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने बताया कि सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

 

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