Himachal: बिलासपुर में करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात और केंद्र के खिलाफ ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कड़ा रुख – The Hill News

Himachal: बिलासपुर में करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात और केंद्र के खिलाफ ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कड़ा रुख

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के बरठीं में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए न केवल करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने बरठीं में 42.43 करोड़ रुपये की लागत वाली चार महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किए। उन्होंने बरठीं, गेहड़वीं और झंडूता के स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के दायरे में लाने की घोषणा की, जिससे स्थानीय छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सकेगी।

विकास कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बरठीं में कुल 42.43 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक कलोल के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया, जिसका नाम परमवीर चक्र विजेता नायब सूबेदार संजय कुमार के नाम पर रखा गया है। इस भवन का निर्माण 3.30 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 12.88 करोड़ रुपये की लागत से घुमारवीं-बरठीं-शाहतलाई सड़क के सुधार कार्य, शाहतलाई शहर के लिए 25 करोड़ रुपये की संशोधित सीवरेज योजना और 1.25 करोड़ रुपये की लागत से शाहतलाई में चरण गंगा के सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने रे-रडोह पुल और दधोग टप्पे गांव में पुल निर्माण के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने जनसभा में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें तलाई में उप-तहसील खोलना, मल्होट में सहकारी बैंक की शाखा और कलोल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अपग्रेडेशन शामिल है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्होंने भालू घाट पुल पर हुई सड़क दुर्घटना से प्रभावित 16 परिवारों को 31-31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और शौर्य चक्र विजेता स्वर्गीय बलदेव चंद के परिवार को सम्मानित भी किया।

अपने संबोधन के दौरान ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 1 फरवरी को हिमाचल के इतिहास का ‘काला दिन’ बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाले लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक अनुदान को रोक दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आगामी पांच वर्षों में हिमाचल को जो 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है, उस पर भाजपा के सांसद और विधायक चुप क्यों हैं? मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हिमाचल की जनता के अधिकारों पर हमला है और वे इसके खिलाफ जनसमर्थन के साथ लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे हिमाचल के हक के लिए भाजपा विधायकों के नेतृत्व में भी दिल्ली जाकर लड़ने को तैयार हैं क्योंकि उनके लिए राज्य का हित व्यक्ति या दल से ऊपर है।

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विरासत में पिछली भाजपा सरकार से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां और ऋण मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जनता की भलाई के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर आय के नए स्रोत बनाए हैं। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि उनकी सरकार ने जहां 23,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया, वहीं मूलधन और ब्याज के रूप में 26,000 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण पर जोर देते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने के कारण केंद्र ने राज्य की 1,600 करोड़ रुपये की सहायता रोक दी, लेकिन वे किसी दबाव में नहीं आए। उन्होंने राजस्थान में ओपीएस बंद करने के लिए भाजपा की आलोचना की और स्पष्ट किया कि जब तक हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है, ओपीएस जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाए और पूछा कि चार साल की सेवा के बाद युवा क्या करेंगे।

आपदा राहत कार्यों का उल्लेख करते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय टीम ने राज्य में 9,300 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया था, लेकिन भाजपा सांसदों ने संसद में इस मुद्दे पर एक भी सवाल नहीं उठाया। उन्होंने स्वयं झंडूता सहित हर आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और बिना किसी मांग के आपदा मुआवजे को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया। सरकार ने बेघर हुए लोगों को शहरों में 10,000 रुपये और गांवों में 5,000 रुपये किराया सहायता भी दी।

राजनीतिक घटनाक्रमों पर बोलते हुए उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को खरीदने और सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से कांग्रेस की शक्ति फिर से 40 विधायकों की हो गई है। उन्होंने मनरेगा योजना को कमजोर करने के लिए भी केंद्र की आलोचना की। जनसभा में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी, विवेक कुमार, बंबर ठाकुर, बीरू राम किशोर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। स्थानीय नेता विवेक कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनके द्वारा आपदा के समय किए गए कार्यों की सराहना की।

 

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