Himachal: मनाली की ठंड ने ली मुंबई की महिला पर्यटक की जान और सोलंगनाला की सैर बनी आखिरी यात्रा

मनाली। हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में घूमने आई मुंबई की एक महिला पर्यटक की दुखद मृत्यु का मामला सामने आया है। मुंबई के काला चौकी क्षेत्र की रहने वाली प्रियंका विष्णु दुखंडे अपनी मौसी के साथ पहाड़ों की खूबसूरती निहारने मनाली पहुँची थीं, लेकिन यहां की अत्यधिक ठंड उनकी जान की दुश्मन बन गई। प्रियंका की आयु 38 वर्ष थी और वह विष्णु दुखंडे की पुत्री थीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, महिला की मौत का मुख्य कारण अचानक गिरी सेहत और अत्यधिक ठंड को माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को उजागर कर दिया है।

घटना के क्रम के अनुसार, प्रियंका मंगलवार शाम को अपनी मौसी के साथ मनाली के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोलंगनाला घूमने गई थीं। सोलंगनाला अपनी बर्फबारी और साहसिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां शाम के समय तापमान में काफी गिरावट आ जाती है। बताया जा रहा है कि जब प्रियंका और उनकी मौसी सोलंगनाला की सैर कर वापस लौटे, तो अचानक प्रियंका की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें बहुत तेज ठंड महसूस होने लगी और वह बुरी तरह कांपने लगीं। कुछ ही समय में उनकी स्थिति इतनी खराब हो गई कि वह सामान्य रूप से सांस लेने और बातचीत करने में भी असमर्थ होने लगीं।

प्रियंका की बिगड़ती हालत को देख उनकी मौसी घबरा गईं और आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए मनाली के मिशन अस्पताल ले गईं। अस्पताल पहुँचने तक प्रियंका की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत उनकी जांच शुरू की, लेकिन प्राथमिक जांच के कुछ ही देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनके शरीर ने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया था। मिशन अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ए फिलिप ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की मौत अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण कभी-कभी शरीर का तापमान अचानक गिर जाता है, जिससे हृदय और अन्य महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं।

इस दुखद घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। मनाली के डीएसपी केडी शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम को अस्पताल भेजा और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस ने महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। केडी शर्मा के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि प्राथमिक दृष्टि में ठंड लगना मौत की वजह लग रही है, लेकिन मौत के सटीक और वास्तविक कारणों का खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या प्रियंका को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या थी।

प्रियंका विष्णु दुखंडे की मौत से उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मुंबई जैसे गर्म और तटीय वातावरण से आने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल की हाड़ कंपा देने वाली ठंड को बर्दाश्त करना कभी-कभी कठिन हो जाता है। विशेष रूप से सोलंगनाला जैसे ऊंचाई वाले स्थानों पर, शाम के समय बर्फबारी या सर्द हवाएं चलने पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। ऐसे में यदि पर्यटक उचित गर्म कपड़ों और खान-पान का ध्यान न रखें, तो वे हाइपोथर्मिया या दिल के दौरे जैसी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।

मनाली प्रशासन और पुलिस अक्सर पर्यटकों को सलाह देते हैं कि वे ऊंचे क्षेत्रों में जाने से पहले अपनी सेहत का परीक्षण कराएं और ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजाम रखें। प्रियंका के मामले में भी यह देखा गया कि सोलंगनाला से लौटने के बाद ही उनकी स्थिति खराब हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऊंचाई पर जाने के बाद उनके शरीर पर ठंड का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

फिलहाल, प्रियंका का शव उनके गृह नगर मुंबई ले जाने की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने मनाली आने वाले अन्य पर्यटकों को भी सचेत कर दिया है कि वे पहाड़ों की सुंदरता का आनंद लेते समय अपनी सेहत के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अचानक ठंड लगे या शरीर कांपने लगे, तो इसे मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि क्या केवल ठंड ही उनकी मौत का एकमात्र कारण थी या कोई अन्य चिकित्सीय स्थिति भी इसमें शामिल थी। मनाली पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। प्रियंका की मौसी और अन्य करीबियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं ताकि घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिल सके। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक दुखद सबक है जो बिना पूर्व तैयारी के अत्यधिक सर्द इलाकों की यात्रा पर निकलते हैं।

 

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