Himachal: हिमाचल में कोहरे का यलो अलर्ट और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी – The Hill News

Himachal: हिमाचल में कोहरे का यलो अलर्ट और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम के मिजाज एक बार फिर बदलते नजर आ रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए आने वाले दिनों के लिए कई महत्वपूर्ण चेतावनियां और अलर्ट जारी किए हैं। राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे का सामना करना पड़ेगा, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। विभाग ने आठ फरवरी तक के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर प्रशासन व आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में आठ फरवरी तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने का अंदेशा है। बुधवार सुबह भी राज्य के कई हिस्सों में कोहरे का जबरदस्त असर देखा गया। विशेष रूप से बिलासपुर, सुंदरनगर और मंडी में कोहरे की घनी चादर छाई रही। बिलासपुर में दृश्यता घटकर मात्र 30 मीटर रह गई, जबकि सुंदरनगर में यह लगभग 100 मीटर दर्ज की गई। इतनी कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मैदानी इलाकों में जहां कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है, वहीं जनजातीय और ऊंचाई वाले जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। किन्नौर, कुल्लू और लाहुल स्पीति में हिमस्खलन (एवलांच) की प्रबल संभावना जताई गई है। धूप खिलने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण पहाड़ों पर जमी बर्फ के खिसकने का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और बाहर से आए पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर यात्रा करने से बचें।

आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर गौर करें तो चार और पांच फरवरी को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, आसमान साफ रहने के बावजूद कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार कम ही हैं। छह फरवरी को मौसम में फिर बदलाव आएगा और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ हिमपात होने की संभावना है। इसके बाद सात और आठ फरवरी को एक बार फिर मौसम साफ रहने का अनुमान लगाया गया है।

मौसम में सबसे बड़ा फेरबदल नौ और 10 फरवरी को देखने को मिल सकता है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इस विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात होने की पूरी संभावना है। इस बदलाव से तापमान में फिर से भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ जाएगा।

वर्तमान तापमान की स्थिति पर नजर डालें तो प्रदेश के चार प्रमुख स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे बना हुआ है। लाहुल स्पीति का कुकुमसेरी प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ताबो में माइनस 8.8 डिग्री, कल्पा में माइनस 5.0 डिग्री और मनाली में माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बुधवार को राजधानी शिमला और मनाली सहित कई पर्यटन स्थलों पर धूप खिली, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिली, लेकिन धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी दर्ज की गई है।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा भी हुई है। भुंतर, पालमपुर और सेऊबाग जैसे क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई, जबकि मनाली और इसके आसपास के इलाकों में भी बादल बरसे। लाहुल स्पीति और किन्नौर जिले में फिलहाल मौसम साफ है और वहां खिली धूप से बर्फ पिघलने की प्रक्रिया शुरू हुई है, जिससे हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद कर दिया है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लिए बिना पहाड़ों की ओर न जाएं। मैदानी इलाकों में कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी सावधानी बरतने को कहा गया है। कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश में अगले एक हफ्ते तक मौसम के कड़े तेवर जारी रहेंगे, जिसमें ठंड, कोहरा और हिमपात तीनों का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। नौ फरवरी के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ को लेकर मौसम विभाग निरंतर निगरानी बनाए हुए है ताकि समय रहते आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें।

 

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