बैजनाथ (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और हृदयविदारक वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और संस्कारों को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने मर्यादाओं की तमाम सीमाएं लांघते हुए अपने ही बुजुर्ग पिता को मौत के घाट उतार दिया। बैजनाथ उपमंडल के नगेहड़ गांव में घटित इस खूनी खेल ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना के बाद से गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक घटना सोमवार रात की है। आरोपी की पहचान सुरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कुमार रात के समय जब अपने घर पहुँचा, तो वह मानसिक रूप से काफी उग्र था। घर में घुसते ही उसने बिना किसी ठोस कारण के शोर मचाना और अपनी मां रामप्यारी के साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरेंद्र कुमार अपनी मां के साथ हाथापाई पर उतारू हो गया।
घर में मचे इस शोर-शराबे और हंगामे को देखकर सुरेंद्र कुमार का छोटा भाई बीच-बचाव करने के लिए आगे आया। उसने अपने बड़े भाई को पीछे धकेलने और मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में अंधा हो चुके सुरेंद्र कुमार ने अपने छोटे भाई पर भी हमला कर दिया। घर के भीतर चीख-पुकार मच गई और स्थिति बेकाबू होने लगी। अपनी आंखों के सामने परिवार के सदस्यों को आपस में भिड़ता देख 78 वर्षीय बुजुर्ग पिता जगदीश चंद से रहा नहीं गया।
जगदीश चंद अपने कमजोर शरीर और गिरती सेहत के बावजूद अपने बेटों के बीच हो रहे झगड़े को शांत कराने और अपनी पत्नी को बचाने के उद्देश्य से आगे आए। उन्होंने सुरेंद्र कुमार को समझाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी बेटे के सिर पर खून सवार था। सुरेंद्र कुमार ने अपने बुजुर्ग पिता की उम्र और उनके सम्मान का जरा भी लिहाज नहीं किया। उसने रिश्तों की पवित्रता को पैरों तले रौंदते हुए अपने पिता पर ही हमला बोल दिया।
सुरेंद्र कुमार ने जगदीश चंद पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। उसने बुजुर्ग पिता को इतनी बेरहमी से पीटा कि वे संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े। जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपी का दिल नहीं पसीजा और उसने उन पर प्रहार करना जारी रखा। इस घातक हमले के कारण जगदीश चंद के शरीर के आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर अचेत हो गए।
पिता की गंभीर स्थिति को देखकर परिवार के अन्य सदस्य बुरी तरह घबरा गए। सुरेंद्र कुमार के रुकने के बाद आनन-फानन में घायल जगदीश चंद को इलाज के लिए सिविल अस्पताल बैजनाथ ले जाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच जाएगी, लेकिन घाव इतने गहरे और चोटें इतनी गंभीर थीं कि अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक पिता की उसके ही बेटे के हाथों हुई इस दुखद मौत ने अस्पताल परिसर में भी सन्नाटा पसर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना बैजनाथ की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने तत्काल गांव पहुँचकर मौका-मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। मृतक की पत्नी रामप्यारी ने अपने ही बेटे के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सुरेंद्र कुमार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण पारिवारिक कलह नजर आ रहा है, लेकिन मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।
फिलहाल, जगदीश चंद के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहनशीलता और बिखरते पारिवारिक मूल्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरा नगेहड़ गांव इस बात से स्तब्ध है कि कोई संतान अपने जन्मदाता के प्रति इतनी क्रूर कैसे हो सकती है।