नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय भारी अनिश्चितता का माहौल है। आगामी टी20 विश्व कप 2026 में अपनी भागीदारी को लेकर पाकिस्तान ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और इस निर्णय की प्रक्रिया को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। सोमवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस संवेदनशील मामले को कम से कम आगामी शुक्रवार या अगले सोमवार तक खुला रखा जाएगा। यह देरी मुख्य रूप से बांग्लादेश के प्रति एकजुटता दिखाने और सह-मेजबान भारत के विरुद्ध होने वाले मैच के संभावित बहिष्कार पर चल रही चर्चाओं के कारण हुई है।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया जाना है। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश ने भारत में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच श्रीलंका में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था, जिसे आईसीसी ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि वहां कोई सुरक्षा खतरा नहीं है। इसके पश्चात बांग्लादेश को हटाकर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया गया। अब पाकिस्तान इस मुद्दे पर बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने सोमवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात कर इस जटिल स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। मोहसिन नकवी ने बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से इस बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत काफी सार्थक रही। नकवी ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे सभी उपलब्ध विकल्पों पर गंभीरता से विचार करें और उसके बाद ही कोई फैसला लें। बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि देश की भावनाओं और क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय शुक्रवार या अगले सोमवार को सार्वजनिक किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने पीसीबी को स्पष्ट रूप से कहा है कि वे बांग्लादेश को पूर्ण राजनयिक और खेल संबंधी समर्थन प्रदान करें। पाकिस्तान सरकार के भीतर इस समय कई विकल्पों पर मंथन चल रहा है। इनमें से एक विकल्प यह है कि पाकिस्तान पूरी तरह से टी20 विश्व कप से हट जाए, जबकि दूसरा विकल्प यह है कि वह टूर्नामेंट में तो हिस्सा ले लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मैच का बहिष्कार करे। पाकिस्तान का मानना है कि इस तरह के कड़े कदम उठाकर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश के पक्ष को मजबूती दे सकता है।
टी20 विश्व कप 2026 के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पाकिस्तान की टीम को अपने अभियान की शुरुआत 7 फरवरी को कोलंबो में नीदरलैंड्स के विरुद्ध करनी है। इसके बाद 10 फरवरी को उसका मुकाबला अमेरिका से होना है। सबसे महत्वपूर्ण मैच 15 फरवरी को भारत के साथ प्रस्तावित है और अंतिम ग्रुप मैच 18 फरवरी को नामीबिया के साथ खेला जाना है। पीसीबी ने इस टूर्नामेंट के लिए पहले ही अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसकी कमान सलमान अली आगा को सौंपी गई है।
अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच छोड़ने या टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लेता है, तो इससे न केवल विश्व कप की चमक फीकी होगी बल्कि आईसीसी के लिए भी एक बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ हुए व्यवहार को हल्के में नहीं ले रही है और उसका अंतिम फैसला क्रिकेट के साथ-साथ कूटनीतिक संबंधों पर भी आधारित होगा। फिलहाल, शुक्रवार तक का इंतजार ही यह तय करेगा कि क्रिकेट के मैदान पर भारत-पाकिस्तान की चिर-प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी या राजनीति खेल पर भारी पड़ेगी।
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