नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व सांसद शकील अहमद ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए अपनी जान को खतरा बताया है। बिहार की राजनीति में बड़ा रसूख रखने वाले अहमद, जो तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं, ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व उन पर शारीरिक हमला करने की योजना बना रहा है। यह विस्फोटक बयान अहमद द्वारा राहुल गांधी की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाने और उन्हें एक ‘असुरक्षित नेता’ करार देने के कुछ ही दिनों बाद आया है।
शकील अहमद ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उन्हें उनके कुछ पुराने साथियों ने गुप्त रूप से सचेत किया है। अहमद के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को उन पर हमला करने का गुप्त आदेश दिया है। इस साजिश को अंजाम देने के लिए पुतला दहन का सहारा लिया जा सकता है। अहमद ने आशंका जताई कि मंगलवार को पटना और मधुबनी में उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन और पुतला जलाने के बहाने उन पर हमला किया जा सकता है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट भी सार्वजनिक किया है, जिसमें कथित तौर पर कार्यकर्ताओं को उनका पुतला जलाने के लिए उकसाया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि किसी की राय अलग हो सकती है, लेकिन बोलने के अधिकार को हिंसा से दबाना अनुचित है।
इस विवाद की जड़ें पिछले शनिवार को अहमद द्वारा दिए गए उस बयान में छिपी हैं, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला किया था। अहमद ने राहुल गांधी को एक ऐसा नेता बताया था जो खुद को असुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि राहुल गांधी पार्टी के भीतर मौजूद वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं के सामने असहज रहते हैं। अहमद के अनुसार, राहुल गांधी का मुख्य उद्देश्य पार्टी से पुराने और कद्दावर नेताओं को बाहर निकालना है ताकि वे केवल अपनी तारीफ करने वाले और ‘जी-हजूर’ कहने वाले युवाओं की एक टीम खड़ी कर सकें। उन्होंने राहुल गांधी की इस कार्यशैली को अमेठी में उनकी हार का मुख्य कारण भी बताया था। गौरतलब है कि शकील अहमद ने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया था।
शकील अहमद के इन आरोपों ने देश के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को हाथों-हाथ लिया और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा के प्रवक्ताओं ने कहा कि अहमद के खुलासे ने राहुल गांधी की तानाशाही वाली शैली को दुनिया के सामने ला दिया है। वहीं, कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं। वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने इस विषय पर कोई भी सार्वजनिक टिप्पणी करने से मना कर दिया और इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया।
दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर ने शकील अहमद पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘जयचंद’ की संज्ञा दी है। टैगोर ने कहा कि राहुल गांधी ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा की, जबकि अहमद जैसे लोग अपने नए आकाओं को खुश करने के लिए उन पर आधारहीन हमले कर रहे हैं। टैगोर ने अहमद को 2026 के गद्दारों के नए समूह का हिस्सा करार दिया। इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह जयचंद का नाम विश्वासघात का प्रतीक बन गया, अहमद भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। फिलहाल, शकील अहमद के इन दावों ने कांग्रेस के भीतर के आंतरिक कलह को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है और आने वाले दिनों में पटना से लेकर मधुबनी तक तनाव बढ़ने की आशंका है।
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