मनाली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में ‘विंटर कार्निवाल-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों की विकास गतिविधियों को दर्शाने वाली लगभग 300 रंगारंग झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने मनाली और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 250 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी ‘रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट’ विकसित करने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मनाली सर्किट हाउस के नए भवन में पांच अतिरिक्त कमरों के निर्माण, बाढ़ सुरक्षा के लिए सात चिन्हित स्थानों पर सुरक्षा दीवारें लगाने और ओल्ड मनाली में 2 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग सुविधा बनाने की घोषणा की। भूस्खलन की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने सोलंग और कराल गांवों को 25-25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी बात कही।
समारोह को संबोधित करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और मेहमाननवाजी के लिए दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। सरकार का लक्ष्य हिमाचल को प्रकृति, धर्म, साहसिक कार्य, आध्यात्मिकता और वेलनेस टूरिज्म के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस दिशा में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ग्रीन हिमाचल जैव विविधता पार्क’ और नदी किनारे पार्कों का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में एक नई ईको-टूरिज्म नीति लागू की गई है, जिसके तहत नवंबर 2025 तक 11 स्थलों का आवंटन किया जा चुका है और 27 अन्य साइटों के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। ट्रैकिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 245 मार्गों की पहचान की गई है और पर्यटकों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जा रहा है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रोपवे परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है।
होम स्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नियमों में संशोधन कर ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की है। इसके तहत 5 करोड़ रुपये तक के निवेश पर शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी दी जा रही है। होम स्टे पंजीकरण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है।
हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। कुल 16 नए हेलीपोर्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से पहले चरण में हमीरपुर के जसकोट, कांगड़ा के रक्कार और पालमपुर, चंबा के सुल्तानपुर, कुल्लू के मनाली, किन्नौर के शाबो और लाहुल-स्पीति के जिस्पा, सिस्सू व रंगरिक में विकास कार्य चल रहा है। कांगड़ा जिले को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ देहरा के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय प्राणी उद्यान बनाया जा रहा है। शिमला के कुफरी स्थित हसन वैली में राज्य का पहला स्काईवॉक ब्रिज भी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलाशयों में क्रूज, शिकारा, हाउसबोट और जेट स्की जैसी साहसिक गतिविधियां शुरू की गई हैं। गोविंद सागर झील में ये सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं, जिन्हें भविष्य में अन्य जलाशयों तक विस्तारित किया जाएगा। सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किन्नौर के शिपकी-ला में गतिविधियां शुरू की गई हैं।
विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मनाली क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों और बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अकेले मनाली शहर में 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, उपायुक्त तोरुल एस. रवीश, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, दुग्ध संघ के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।