गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का एक बेहद सरल और मानवीय चेहरा मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दुनिया के सामने आया। मकर संक्रांति के पर्व पर गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसी दौरान एक छोटे बच्चे के साथ मुख्यमंत्री का संवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस संवाद में राजनीति की गंभीरता नहीं, बल्कि एक अभिभावक का स्नेह और एक बच्चे की निश्छल मासूमियत नजर आई।
मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। उन्होंने विधि-विधान और पूर्ण श्रद्धा के साथ शिवावतार गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की। सदियों पुरानी इस परंपरा के अनुसार, पीठाधीश्वर द्वारा पहली खिचड़ी चढ़ाए जाने के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खुलते हैं। पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास परिसर में आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री अक्सर जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और बच्चों के साथ समय बिताना उन्हें विशेष रूप से प्रिय है। इसी सार्वजनिक मिलन कार्यक्रम के दौरान भीड़ में एक छोटा बच्चा अपने परिजनों के साथ खड़ा था। बच्चे को देखते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उन्होंने बड़े ही प्यार से उसे अपने पास बुलाया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि योगी आदित्यनाथ ने बच्चे के सिर पर हाथ फेरा और उससे दुलार करते हुए पूछा, “और क्या चाहिए बताओ?” मुख्यमंत्री की इस आत्मीयता को देखकर बच्चा पहले तो थोड़ा हिचकिचाया और चुप रहा। योगी आदित्यनाथ ने बच्चे का संकोच दूर करने के लिए उससे दोबारा वही सवाल दोहराया। काफी मनुहार और स्नेह भरे प्रोत्साहन के बाद बच्चे ने मुख्यमंत्री के बेहद करीब जाकर उनके कान में धीरे से कुछ फुसफुसाया।
शुरुआत में मुख्यमंत्री बच्चे की बात पूरी तरह समझ नहीं पाए, लेकिन जैसे ही उन्होंने ध्यान से सुना और बात स्पष्ट हुई, वे अपनी हंसी नहीं रोक सके। दरअसल, उस नन्हे बच्चे ने किसी बड़े उपहार या खिलौने के बजाय मुख्यमंत्री से बड़े ही भोलेपन के साथ “चिप्स” खाने की इच्छा जताई थी। एक प्रदेश के मुखिया से “चिप्स” मांगने की इस मासूम जिद ने योगी आदित्यनाथ को इतना प्रभावित किया कि वे खिलखिलाकर हंस पड़े और देर तक ठहाके लगाते रहे।
मुख्यमंत्री को इस तरह ठहाके लगाकर हंसते देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य श्रद्धालु भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। देखते ही देखते पूरा परिसर ठहाकों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायकों को बच्चे की यह छोटी सी फरमाइश पूरी करने का संकेत दिया। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं। आम तौर पर एक सख्त प्रशासक के रूप में पहचाने जाने वाले योगी आदित्यनाथ का यह कोमल और मजाकिया अंदाज लोगों के दिल जीत रहा है। प्रशंसकों का कहना है कि यह वीडियो याद दिलाता है कि एक जननेता के भीतर भी भावनाओं और संवेदनाओं का वास होता है। बच्चे की उस एक छोटी सी मांग ने न केवल मुख्यमंत्री को तनावमुक्त कर दिया, बल्कि मकर संक्रांति के उत्सव के आनंद को भी कई गुना बढ़ा दिया। यह घटनाक्रम सिद्ध करता है कि बच्चों की मासूमियत बड़े से बड़े व्यक्ति को भी सहज बना देती है। फिलहाल, इस “चिप्स” वाली फरमाइश की चर्चा गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक हर तरफ हो रही है।
Pls read:Uttarpradesh: हवाई यात्रा से विज्ञान की ऊंचाइयों को छूने जाएंगे उत्तर प्रदेश के 150 मेधावी छात्र