हरिद्वार. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचकर राज्य के वरिष्ठ आंदोलनकारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हरिद्वार के शिवलोक कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय भट्ट के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान वहां का माहौल गमगीन रहा और मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने इस दुख की घड़ी में स्वर्गीय दिवाकर भट्ट के पुत्र ललित भट्ट और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि पूरी सरकार और पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दिवाकर भट्ट के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका जाना उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवाकर भट्ट ने अपना पूरा जीवन उत्तराखंड के सम्मान, यहां के लोगों के अधिकारों और राज्य के समग्र विकास के लिए समर्पित कर दिया था।
श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में दिवाकर भट्ट की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। एक अग्रणी राज्य आंदोलनकारी के रूप में उन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य के सपने को साकार करने के लिए लंबा संघर्ष किया था। जब राज्य बना तो उन्होंने एक राजनेता और कैबिनेट मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्य और राज्य के प्रति उनका समर्पण सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
दिवाकर भट्ट को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के संस्थापक सदस्यों में गिना जाता था और वे ‘फीस मास्टर’ के नाम से भी लोकप्रिय थे। उनकी स्पष्टवादिता और पहाड़ के मुद्दों के प्रति उनकी समझ का हर कोई कायल था। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान वहां कई स्थानीय नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और दिवाकर भट्ट के समर्थक भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने प्रिय नेता को याद किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि स्वर्गीय भट्ट के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए सरकार प्रयासरत रहेगी।