Thailand: दक्षिणी थाईलैंड में कुदरत का कोहराम बाढ़ ने ली 145 लोगों की जान

Thailand. दक्षिणी थाईलैंड इस समय प्रकृति के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। वहां आई विनाशकारी बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है जिससे हर कोई सिहर उठा है। कुदरत के इस कहर ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 145 लोगों की जान जा चुकी है। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

थाईलैंड के आपदा निवारण और न्यूनीकरण विभाग ने इस स्थिति की गंभीरता को बयां करते हुए आंकड़े जारी किए हैं। विभाग के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने दक्षिणी थाईलैंड के 12 प्रांतों को अपनी चपेट में ले लिया है। बाढ़ का असर कितना व्यापक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 1.2 मिलियन (12 लाख) से अधिक घर पानी में डूब गए हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, करीब 3.6 मिलियन (36 लाख) लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। लाखों लोग बेघर हो गए हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।

इस पूरी स्थिति पर जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकियात ने बैंकॉक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने पुष्टि की कि देश के आठ प्रांतों में अब तक कुल 145 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसमें सबसे भयावह स्थिति सोंगखला प्रांत की है। अकेले सोंगखला प्रांत में ही 110 लोगों की जान गई है, जो कुल मृतकों का एक बड़ा हिस्सा है। प्रवक्ता ने बताया कि जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वैसे-वैसे बचाव दल उन इलाकों तक पहुंचने में सफल हो रहे हैं जहां पहले जाना नामुमकिन था। यही कारण है कि शवों की बरामदगी बढ़ने से मृतकों का आंकड़ा तेजी से ऊपर गया है।

राहत और बचाव कार्यों के बीच जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, वे दिल दहला देने वाले हैं। बाढ़ के बाद का दृश्य युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है। जगह-जगह बिजली के खंभे उखड़कर गिरे हुए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप है। लोगों के घरों का कीमती सामान बाढ़ के पानी में बहता हुआ दिखाई दे रहा है। सड़कों पर मलबे का ढेर लगा है और कई जगहों पर कारें पानी के तेज बहाव में पलट गई हैं। बाढ़ ने बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे लोगों का जीवन पूरी तरह तबाह हो गया है।

राहत की बात यह है कि आपदा विभाग के अनुसार, शुक्रवार की सुबह तक अधिकांश बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर घटना शुरू हो गया है। हालांकि, खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है क्योंकि कुछ निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है। स्थानीय मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि दक्षिण में बारिश की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों के लिए अभी भी आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

 

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