शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार जल्द ही ‘बिजली मित्र’ की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। राज्य बिजली बोर्ड ने इन नियुक्तियों के लिए पहले छह हजार रुपये मासिक मानदेय का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अब इस राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये मासिक करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा गया है। आयोग से मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेशभर में बिजली मित्रों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बिजली मित्रों के कार्य
बिजली मित्र उपभोक्ताओं से बिल वसूली, मीटर रीडिंग और अन्य फील्ड कार्यों में बिजली विभाग की मदद करेंगे। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हाल ही में बिजली मित्र भर्ती करने का निर्णय लिया है। इनके मानदेय को लेकर पहले चल रहे विवाद के बाद अब समाधान निकाला गया है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
फील्ड स्टाफ के खाली पद भरे जाएंगे
राज्य बिजली बोर्ड में फील्ड स्टाफ के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण कई इलाकों में बिजली सेवाओं के प्रबंधन में दिक्कतें आ रही हैं। इन खाली पदों की पूर्ति के लिए अब बिजली मित्र रखे जाएंगे। बोर्ड का मानना है कि बढ़ा हुआ मानदेय युवाओं को इस योजना से जोड़ने में मदद करेगा और इससे बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह कदम बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कर्मचारी संघ का विरोध और नए पदों का सृजन
पहले राज्य बिजली बोर्ड ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों के पद समाप्त भी किए थे, जिसका कर्मचारी संघ ने कड़ा विरोध किया था। अब फील्ड स्टाफ के तौर पर सरकार बिजली मित्र भर्ती करने जा रही है। इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि सरकार बिजली बोर्ड में जनशक्ति की कमी को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सीधे उपभोक्ताओं से संपर्क की आवश्यकता होती है।
बिजली मित्र योजना का उद्देश्य न केवल बिजली बोर्ड के कार्यों को सुचारु बनाना है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा करना है। 10 हजार रुपये का मासिक मानदेय कई युवाओं के लिए एक आकर्षक विकल्प हो सकता है, जिससे वे इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। इससे बिजली बोर्ड के जमीनी स्तर के कार्यों में दक्षता आएगी, जैसे कि समय पर बिल वसूली, सटीक मीटर रीडिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निवारण।
राज्य विद्युत नियामक आयोग से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद, बिजली बोर्ड जल्द ही इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा। यह योजना हिमाचल प्रदेश के बिजली क्षेत्र में सुधार लाने और राज्य के नागरिकों को अधिक कुशल और विश्वसनीय बिजली सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।