लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम से युवाओं को नशा से बचाने की अपील की। उन्होंने नशा को नाश का कारण बताते हुए नई पीढ़ी को विदेशी साजिशों से बचने की सलाह दी। इस अवसर पर उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुस्तफाबाद अब ‘कबीरधाम’ के नाम से जाना जाएगा।
स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025 में मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमारे युवा अच्छे मार्ग पर चलें, यही समय की आवश्यकता है। योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने “माता भूमि पुत्रोहम्…” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है।
मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। नशा मुक्ति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नशा नाश का कारण है और विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने युवाओं से फोन का इस्तेमाल सीमित करने और आत्मविकास पर ध्यान देने का आग्रह किया।
भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। उस दौरान भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है।
गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गोमाता के संरक्षण के लिए गोशालाओं की देखरेख करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने रासायनिक खेती से जमीन के ऊसर होने की बात कहते हुए नेचुरल फार्मिंग अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है, और यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने अंत में कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने आस्था पर पैसा लगाने के बजाय कब्रिस्तान की बाउंड्री पर पैसा खर्च किया। उन्होंने प्रयागराज का इलाहाबाद और अयोध्या का फैजाबाद जैसे शहरों के नाम बदलने का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाई है। मुख्यमंत्री का यह संबोधन राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता और विकास के संकल्प पर केंद्रित रहा।
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