#uttarakhandnews – Page 372 – The Hill News

Uttarakhand: जंगलों के आग से दहशत, चमोली और साथ लगते कुमाऊं में हालात खराब

देवाल। चमोली जनपद के कर्णप्रयाग से लगे नागनाथ, नंदप्रयाग, आटागाड सहित आदिबदरी, गैरसैंण आदि के जंगलों…

Uttarakhand: बिनसर महादेव से लौट रहे युवकों की बाइक एक वाहन से टकराई, एक की मौत

बिनसर महादेव मंदिर से दर्शन कर लौट रहे युवक रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।…

Uttarakhand: मसूरी चूनाखाल के पास खाई में गिरी कार, पांच की मौत

मसूरी। शनिवार सुबह-सुबह देहरादून मसूरी रोड पर दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत है। चूनाखाल…

Uttarakhand: सीएस राधा रतूड़ी ने अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान के निर्देश दिए

देहरादून में भी कल से अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ चलाया जाएगा…

Uttarakhand: उत्तराखंड 10वीं बोर्ड की टापर प्रियांशी रावत के स्कूल को लेकर खड़ा हुआ यह बखेड़ा

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली प्रियांशी रावत के…

Uttarakhand: पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी का निधन, सीएम धामी ने जताया शोक

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी विधानसभा सीट रिक्त करने वाले पूर्व विधायक कैलाश…

Uttarakhand: थार की छत पर चढ़कर बनाई रील, पुलिस ने काटा चालान

रुड़की: सोशल मीडिया पर स्टंट करते हुए रील बनाने का शौक एक युवक को महंगा पड़ गया। गंगनहर पुल पर थार गाड़ी की छत पर खड़े होकर खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो बनाने वाले युवक का पुलिस ने ऑनलाइन चालान काट दिया है। साथ ही, युवक को चिह्नित कर उसे थाने में हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। चार दिन पुराना है वीडियो: बताया जा रहा है कि यह वीडियो चार दिन पुराना है और पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक तेज रफ्तार थार की छत पर खड़ा होकर वीडियो बना रहा है। जिस पुल पर यह स्टंट किया गया है, वह बेहद खतरनाक है और हादसे की आशंका बनी रहती है। सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया युवक: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के माध्यम से गाड़ी का नंबर ट्रेस किया और युवक की पहचान की। इसके बाद उसका ऑनलाइन चालान काटा गया और नोटिस जारी किया गया। कानूनी कार्रवाई की तैयारी: रुड़की पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्र पंत ने बताया कि युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवक का यह कृत्य बेहद खतरनाक था और इससे उसकी अपनी जान के साथ–साथ दूसरों की जान को भी खतरा था।   Pls read:Uttarakhand: बाबा रामदेव पर चौतरफा संकट, GST ने भेजा 27…

Uttarakhand: बाबा रामदेव पर चौतरफा संकट, GST ने भेजा 27 करोड़ का वसूली नोटिस

देहरादून: योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब उत्तराखंड आयुष विभाग और GST इंटेलिजेंस ने भी कंपनी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 14 उत्पादों पर रोक, 27 करोड़ की वसूली का नोटिस: उत्तराखंड आयुष विभाग ने पतंजलि के 14 उत्पादों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। वहीं, GST इंटेलिजेंस की चंडीगढ़ यूनिट ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत दावे के मामले में पतंजलि फूड्स को 27.46 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस भेजा है। बिना माल आए ITC का लाभ: पतंजलि पर आरोप है कि कंपनी ने जिस माल की वास्तविक आवक नहीं हुई, उस पर भी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया है। इस मामले में कंपनी को 27.46 करोड़ रुपये वापस करने पड़ सकते हैं या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पहले भी पकड़े गए गोलमाल: बीते साल उत्तराखंड के हरिद्वार में राज्य GST अधिकारियों ने पतंजलि की आठ–नौ फर्मों में ITC के गोलमाल का खुलासा किया था। इसी तरह का मामला गाजियाबाद में भी सामने आया था। अब उत्तराखंड राज्य GST विभाग पतंजलि की फर्मों पर सर्वे और सीजर की कार्रवाई कर चुका है और 15 करोड़ रुपये की वसूली की तैयारी कर रहा है। पतंजलि पर चौतरफा संकट: सुप्रीम कोर्ट की फटकार, उत्पादों के लाइसेंस रद्द होने और GST इंटेलिजेंस की कार्रवाई से पतंजलि पर चौतरफा संकट के बादल मंडरा रहे हैं। देखना होगा कि कंपनी इन मुश्किलों से कैसे निपटती है।   Pls read:Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने बाबा रामदेव की कंपनियों के…

Uttarakhand: पौड़ी के किम गांव में बाघ का हमला, ग्रामीण गंभीर रूप से घायल

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी जिले के पोखड़ा रेंज स्थित किम गांव में एक बाघ ने ग्रामीण पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल ग्रामीण का इलाज बेस अस्पताल कोटद्वार में चल रहा है। मुख्य बिंदु: बकरियां चुगाने गए थे जंगल: घायल ग्रामीण मोहन सिंह रावत (52 वर्ष) अपनी पत्नी के साथ बकरियां चुगाने जंगल गए थे। अचानक हुआ हमला: जंगल में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक मोहन सिंह पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर भागा बाघ: मोहन सिंह ने शोर मचाया तो बाघ वहां से भाग निकला। लेकिन तब तक वह बुरी तरह जख्मी हो चुके थे। सिर और हाथ–पैरों में चोटें: बाघ के हमले से मोहन सिंह के सिर और हाथ–पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। बेस अस्पताल कोटद्वार रेफर: सीएचसी रिखणीखाल में प्राथमिक उपचार के बाद मोहन सिंह को बेस अस्पताल कोटद्वार रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों में दहशत बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने की मांग की है। वन विभाग अलर्ट वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी है। इलाके में पिंजरा भी लगाया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।

Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने बाबा रामदेव की कंपनियों के खिलाफ की कार्ऱवाई

उत्तराखंड के आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग ने बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की १४ दवाओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और उनके उत्पादन पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई न करने पर फटकार लगाए जाने के बाद की गई है। मुख्य बिंदु: १४ दवाओं के लाइसेंस निलंबित: राज्य औषधि अनुज्ञापन अधिकारी ने दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की १४ दवाओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। उत्पादन पर रोक: इन दवाओं के निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार: यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई न करने पर फटकार लगाए जाने के बाद की गई है। IMA की प्रतिक्रिया: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने बाबा रामदेव की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने कोविड–१९ के इलाज के बारे में झूठे दावे करके और आधुनिक चिकित्सा पद्धति को बदनाम करके हद पार कर दी है। पृष्ठभूमि: सुप्रीम कोर्ट IMA की २०२२ की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें कोविड रोधी टीकाकरण अभियान और चिकित्सा की आधुनिक पद्धतियों को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव, उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से भ्रामक विज्ञापनों पर उसके आदेशों का पालन नहीं करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा था। इस मामले की अगली सुनवाई ३० अप्रैल को होनी है। संभावित प्रभाव: इस कार्रवाई से बाबा रामदेव की कंपनियों की छवि खराब हो सकती है और उनके उत्पादों की बिक्री पर असर पड़ सकता है। यह कार्रवाई अन्य कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है जो भ्रामक विज्ञापनों का सहारा लेती हैं।