देश – Page 119 – The Hill News

Manipur: मणिपुर में दो गुटों के बीच गोलीबारी, एक युवक की मौत

इम्फाल – मणिपुर में दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में एक 33 वर्षीय ग्राम स्वयंसेवक की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात कांगपोकी और इंफाल पूर्वी जिलों की सीमा पर सिनम कोम में हुई। गोलीबारी के बाद लापता हुए स्वयंसेवक का शव शनिवार सुबह बरामद किया गया। मृतक की पहचान लैशराम प्रेम के रूप में हुई है। हिंसा को रोकने के लिए इलाके में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही मणिपुर के नारानसेना इलाके में कुकी उग्रवादियों के हमले में दो सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। शुक्रवार को मणिपुर में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत एक सीट पर मतदान हुआ। चुनाव अधिकारी ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार हिंसा की घटनाएं काफी कम हुईं और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।   PLs read:Manipur: कुकी उग्रवादियों का पुलिस सुरक्षा वाहन पर हमला, एक जवान…

SC: सुप्रीम कोर्ट का EVM पर भरोसा बरकरार, बैलेट पेपर और VVPAT पर्ची मिलान की मांग खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम फैसले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने और EVM से निकलने वाली सभी VVPAT पर्चियों का मिलान कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। फैसले की मुख्य बातें: EVM पर भरोसा: सुप्रीम कोर्ट ने EVM को विश्वसनीय और चुनावों को निष्पक्ष बनाने में कारगर बताया है। पूरी VVPAT पर्ची मिलान की मांग खारिज: कोर्ट ने कहा कि सभी VVPAT पर्चियों का मिलान करना व्यावहारिक नहीं है और इसकी ज़रूरत भी नहीं है। दूसरे और तीसरे नंबर के उम्मीदवारों को राहत: कोर्ट ने चुनाव परिणाम आने के 7 दिन के भीतर दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवारों को दोबारा मतगणना की मांग करने की इज़ाज़त दी है। इसमें माइक्रो कंट्रोलर मेमोरी की जाँच इंजीनियर करेंगे और इसका खर्च उम्मीदवार को उठाना होगा। सिंबल यूनिट भी 45 दिन सील: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कंट्रोल यूनिट की तरह सिंबल यूनिट को भी 45 दिनों तक सील रखा जाए। बारकोड का सुझाव: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि वो VVPAT पर्चियों पर बारकोड लगाने पर विचार करे, ताकि उनकी गिनती ऑटोमेटिक मशीन से की जा सके। पृष्ठभूमि: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और कुछ अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कर EVM में गड़बड़ी की आशंका जताई थी और बैलेट पेपर से चुनाव कराने या सभी VVPAT पर्चियों का मिलान करने की मांग की थी। फैसले का महत्व: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारतीय चुनाव प्रणाली में EVM और VVPAT की विश्वसनीयता पर मुहर लग गई है। इससे यह भी साफ होता है कि कोर्ट को चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा है कि वो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराएगा।     Pls read:US: अमेरिकी…

BJP: यवतमाल में भाषण देते हुए मंच पर बेहोश हुए नितिन गडकरी, अब स्वस्थ

यवतमाल (महाराष्ट्र): केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को यवतमाल में एक चुनावी रैली के दौरान मंच पर अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। मुख्य बिंदु: गडकरी यवतमाल के पुसद में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे तभी वह अचानक लड़खड़ा कर गिर गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी जाँच की। गडकरी ने बाद में सोशल मीडिया पर बताया कि वह गर्मी के कारण असहज महसूस कर रहे थे, लेकिन अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। वह यवतमाल–वाशिम लोकसभा सीट से शिवसेना उम्मीदवार राजश्री पाटिल के लिए प्रचार कर रहे थे। गडकरी के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता थी, लेकिन उनके स्वस्थ होने की खबर से सभी ने राहत की सांस ली है।   Pls read:BJP: पीएम मोदी बोले- आरक्षण खत्म नहीं…

BJP: पीएम मोदी बोले- आरक्षण खत्म नहीं होने देंगे

टोंक, राजस्थान (6 नवंबर, 2023): राजस्थान के टोंक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने और राजस्थान के लोगों को बांटने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपने शासनकाल में आरक्षण व्यवस्था के भीतर धर्म–आधारित कोटा शुरू करने की कोशिश की, विशेष रूप से मुस्लिम समुदायों को लक्षित करते हुए। उन्होंने दावा किया कि यह कदम असंवैधानिक था और इसका उद्देश्य केवल वोट बैंक सुरक्षित करना था। “बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों को दिए गए आरक्षण अधिकारों को कांग्रेस और INDIA गठबंधन द्वारा निशाना बनाया जा रहा था, जो उन्हें धर्म के आधार पर विभाजित करना चाहते थे,“ पीएम मोदी ने कहा। उन्होंने आगे विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए राजस्थान राज्य के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया, और प्रगति और सुरक्षा के लिए एकता के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी ने अपनी सरकार और संभावित कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के बीच एक स्पष्ट अंतर खींचा, यह सुझाव देते हुए कि बाद के तहत आतंकवाद, सीमा पार से हमले और आंतरिक संघर्ष जैसे मुद्दे बने रहेंगे। “कांग्रेस के अधीन, हमारे सैनिक अभी भी कश्मीर में पथराव का सामना कर रहे होते, हमारी सीमाएँ असुरक्षित होतीं, और बम विस्फोट एक नियमित घटना होती,“ पीएम मोदी ने दावा किया। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला, जैसे कि सैनिकों के लिए “वन रैंक वन पेंशन“ योजना का कार्यान्वयन और विभिन्न विकास पहल। प्रधानमंत्री ने अपने पहले के आरोप को भी दोहराया कि कांग्रेस पार्टी लोगों की संपत्तियों को जब्त करने और अपने समर्थकों के बीच वितरित करने की योजना बना रही है। उन्होंने कांग्रेस को अपनी नीतियों के बारे में पारदर्शी होने और जनता की जांच का सामना करने की चुनौती दी। पीएम मोदी ने अपने भाषण का समापन राजस्थान के लोगों को आश्वस्त करते हुए किया कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था उनके नेतृत्व में सुरक्षित रहेगी और इसे धर्म के आधार पर विभाजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और अपनी सरकार के विकास के एजेंडे को जारी रखने की भी प्रतिबद्धता जताई।

SC: सुप्रीम कोर्ट ने 14 साल की दुष्कर्म पीड़िता को 28 हफ्ते की गर्भावस्था पर गर्भपात की दी मंजूरी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 14 वर्षीय एक कथित दुष्कर्म पीड़िता को 28 हफ्ते की गर्भावस्था का चिकित्सीय गर्भपात कराने की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने अस्पताल द्वारा प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट को ध्यान में रखकर यह आदेश दिया, जिसमें यह राय दी गई थी कि गर्भावस्था को जारी रखने से नाबालिग के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए लोकमान्य तिलक नगर मेडिकल कॉलेज एंड जनरल हॉस्पिटल (LTMGH) के डीन को निर्देश दिया है कि वह गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए मुंबई के सायन में तुरंत डॉक्टरों की एक टीम का गठन करें। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने 19 अप्रैल को नाबालिग की मेडिकल जांच का आदेश दिया था। पीड़िता ने 28 हफ्ते के गर्भ को गिराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मुख्य बिंदु: सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्षीय कथित दुष्कर्म पीड़िता को 28 हफ्ते की गर्भावस्था का चिकित्सीय गर्भपात कराने की इजाज़त दी। अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि गर्भावस्था को जारी रखने से पीड़िता के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अदालत ने LTMGH अस्पताल को डॉक्टरों की एक टीम गठित करने का निर्देश दिया जो गर्भावस्था को समाप्त करेगी। अदालत ने पहले पीड़िता की चिकित्सा जांच का आदेश दिया था ताकि गर्भपात के संभावित प्रभावों का आकलन किया जा सके। यह मामला किसी नाबालिग द्वारा 28 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति देने पर सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

BJP: राहुल गांधी को वायनाड में भी सता रहा हार का डर- पीएम मोदी

नांदेड। महाराष्ट्र के नांदेड में एक रैली को संबोधित करते हुए आज पीएम मोदी ने कांग्रेस…

Bangaluru: “जय श्री राम” का नारा लगा रहे तीन युवकों पर बुरी तरह पीटा

बेंगलुरु।राम नवमी के अवसर पर बेंगलुरु में “जय श्री राम” के नारे लगाने वाले तीन युवकों…

Ayodhya: सूर्य की किरणों से जगमग हो गया रामलला का ललाट

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में आज रामनवमी पर नव भव्य राम मंदिर में प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव…

Congress: 180 तक सीमट जाएगी भाजपा इस बार- राहुल गांधी

गाजियाबाद। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को गाजियाबाद में…

इजरायल-ईरान तनाव से बढ़ी भारत की चिंता, फंसे 17 भारतीयों को लेकर ईरान से वार्ता

नई दिल्ली, भारत (29 अक्टूबर, 2023): इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, भारत ने दोनों देशों से संयम बरतने और स्थिति को शांत करने का आग्रह किया है। कूटनीतिक प्रयास जारी: उच्च स्तरीय वार्ता: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी और इजरायली समकक्षों से फोन पर बातचीत की और उनसे कूटनीति को प्राथमिकता देने और आगे हिंसा से बचने का आग्रह किया। समुदाय का समर्थन: क्षेत्र में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के साथ निकट संपर्क बनाए हुए हैं और तेहरान में सहायता प्रदान करने के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है। भारत की चिंताएँ: क्षेत्रीय स्थिरता: भारत को डर है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। आर्थिक प्रभाव: बढ़ते तनाव से आयात–निर्यात की लागत बढ़ सकती है, कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है, और भारतीय शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय काम करते हैं, और संघर्ष उनके जीवन और आजीविका को खतरे में डाल सकता है। युद्ध की स्थिति में निकासी की आवश्यकता भी हो सकती है। भारत का रुख: तटस्थता: भारत संघर्ष में तटस्थ रुख बनाए रखता है, दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करता है। शांतिपूर्ण समाधान: भारत तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में स्थिति अस्थिर बनी हुई है, और भारत क्षेत्र में घटनाक्रमों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता भारत सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।