देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तराखण्ड राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम और तीन नए आपराधिक कानूनों को राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई से देश में शांति और विकास का वातावरण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के अवसर मिल रहे हैं।
उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना गौरव की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आगामी 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे करने जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण किया था। वर्तमान सरकार राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
विकास के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रही प्रदेश की गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में सड़क, रेल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और आम नागरिक तक पहुंचाना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन युवाओं को भड़काना, अफवाह फैलाना और हिंसा को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार जरूरी है।
उन्होंने श्रीनगर और रुद्रपुर में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें लोगों की भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और स्थिरता की अपेक्षा रखती है।
उत्तराखण्ड का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के बजट की तुलना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का वार्षिक बजट लगभग 54,928 करोड़ रुपये है, जबकि उत्तराखण्ड का बजट करीब 1,11,703 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे राज्य के आर्थिक विस्तार और विकास योजनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड ने पहला स्थान प्राप्त किया है। खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला है। इसके अलावा मत्स्य विकास के क्षेत्र में हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का सम्मान प्राप्त हुआ है।
आर्थिक विकास और पर्यटन में भी प्रदेश की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को बेस्ट एडवेंचर और बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन जैसे सम्मान मिले हैं। फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए प्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य की जीएसडीपी लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आय करीब 2.74 लाख रुपये और आर्थिक वृद्धि दर लगभग 7.23 प्रतिशत रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत से अधिक है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता विकास, सुरक्षा, शांति और जवाबदेह शासन चाहती है। राज्य सरकार इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और राज्य के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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