Israel: नेतन्याहू के बेहतर प्रदर्शन का ट्रंप ने लिया श्रेय, इजरायल में सरकार गठन पर सस्पेंस – The Hill News

Israel: नेतन्याहू के बेहतर प्रदर्शन का ट्रंप ने लिया श्रेय, इजरायल में सरकार गठन पर सस्पेंस

नई दिल्ली। इजरायल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के दावों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसका श्रेय अपने समर्थन को दिया है। हालांकि, शुरुआती चुनावी आंकड़ों के अनुसार नेतन्याहू का गुट बढ़त बनाने के बावजूद सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत से पीछे नजर आ रहा है। ऐसे में इजरायल में अगली सरकार की तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 बजकर 58 मिनट तक 57.3 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती के बाद नेतन्याहू समर्थक गुट को 55 सीटें मिलने का अनुमान था। वहीं, उनके विरोधी दलों के गठबंधन को 49 सीटें मिलती दिख रही थीं। अरब पार्टियों के खाते में करीब 16 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया। हालांकि, मतगणना पूरी होने और बाकी मतों की गिनती के बाद इन आंकड़ों में बदलाव संभव है।

नेतन्याहू की बढ़त को ट्रंप ने बताया समर्थन का नतीजा

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर इरविंग सी. श्वार्ट्ज की एक टिप्पणी साझा की। इसमें कहा गया था कि ट्रंप के नेतन्याहू के समर्थन में आने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई। टिप्पणी में नेतन्याहू के प्रदर्शन को उनकी संभावित हार के बजाय मजबूत वापसी और लगभग बराबरी के मुकाबले के रूप में पेश किया गया।

ट्रंप ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक नेतन्याहू ने चुनाव में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती सर्वेक्षण और एग्जिट पोल के अनुमान वास्तविक नतीजों से अलग हो सकते हैं। ट्रंप के अनुसार, उनका समर्थन मिलने से इजरायली प्रधानमंत्री को फायदा हुआ है। हालांकि, अंतिम परिणाम आने से पहले किसी भी दल की जीत या हार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

चुनाव से पहले नेतन्याहू ने की थी ट्रंप की तारीफ

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी मतदान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के समर्थन की खुलकर सराहना की थी। रविवार देर रात प्रसारित अपने संबोधन में उन्होंने ट्रंप को इजरायल का असाधारण मित्र बताया। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच इस तरह की दोस्ती पहले देखने को नहीं मिली और भविष्य में ऐसा समर्थन मिलना मुश्किल हो सकता है।

ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इजरायली मतदाताओं से नेतन्याहू के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को शुरू किए गए काम को पूरा करने के लिए नेतन्याहू का समर्थन करना चाहिए। चुनाव में इस समर्थन का कितना असर पड़ा, इसका आकलन अंतिम परिणाम आने के बाद ही किया जा सकेगा।

बहुमत की तस्वीर अभी साफ नहीं

शुरुआती आंकड़ों के अनुसार कई छोटे दल नेसेट में प्रवेश के लिए जरूरी 3.25 प्रतिशत मतों की सीमा पार करते नहीं दिख रहे थे। इनमें रिजर्विस्ट्स, पीपल ऑफ इजरायल और चारेदी पब्लिक जैसी पार्टियां शामिल थीं। वहीं, सैनिकों और कुछ अन्य मतदाताओं के दोहरे लिफाफों में डाले गए मतों की गिनती बाद में की जानी थी। इससे सीटों के अंतिम बंटवारे पर असर पड़ सकता है।

नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी सरकार बनाने की इच्छा जताते हुए दावा किया कि उनके गठबंधन को यहूदी मतदाताओं और यहूदी राष्ट्र का समर्थन करने वालों के बीच व्यापक समर्थन हासिल है। दूसरी ओर, विरोधी दलों के प्रदर्शन और अरब पार्टियों की संभावित सीटें सरकार गठन की प्रक्रिया को जटिल बना सकती हैं।

ईरान को लेकर भी नेतन्याहू का सख्त रुख

चुनाव के बीच नेतन्याहू ने ईरान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर भी कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और इजरायल ईरान से उत्पन्न खतरे को खत्म करने के लिए आगे कदम उठा सकते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और इजरायली रक्षा बलों को ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है।

फिलहाल, चुनाव के शुरुआती आंकड़े नेतन्याहू के लिए राहत का संकेत जरूर देते हैं, लेकिन बहुमत हासिल करने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। अंतिम नतीजे और विभिन्न दलों के बीच संभावित गठबंधन ही तय करेंगे कि इजरायल में अगली सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी।

 

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