चंडीगढ़। पंजाब सरकार विकास योजनाओं और पूंजीगत खर्चों के लिए 800 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने जा रही है। इसके लिए सरकार 7.65 प्रतिशत सालाना ब्याज दर वाले पंजाब एसजीएस 2043 सरकारी बांड दोबारा जारी करेगी। इन बांड की अवधि 17 वर्ष निर्धारित की गई है और इनकी परिपक्वता तिथि 12 अगस्त 2043 होगी। सरकार का उद्देश्य इस राशि के जरिए चल रही विकास परियोजनाओं और अन्य पूंजीगत योजनाओं के खर्च का एक हिस्सा पूरा करना है।
पंजाब सरकार के वित्त विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी, जिसे 16 अक्टूबर को राज्य के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। अधिसूचना के अनुसार, 800 करोड़ रुपये के बांड पहले जारी किए गए 7.65 प्रतिशत पंजाब एसजीएस 2043 बांड की पुनर्निर्गम प्रक्रिया के तहत बेचे जाएंगे। इस उधारी के लिए संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत केंद्र सरकार की सहमति भी प्राप्त की गई है।
19 अक्टूबर को होगी बांड की नीलामी
सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया के जरिए की जाएगी। इसके लिए 19 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। इच्छुक निवेशकों को रिजर्व बैंक के ई-कुबेर इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से बोलियां जमा करनी होंगी।
अधिसूचना के मुताबिक, प्रतिस्पर्धी बोली लगाने वाले निवेशक सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक अपनी बोलियां जमा कर सकेंगे। वहीं, गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए समय सुबह 10.30 बजे से 11 बजे तक निर्धारित किया गया है।
कुल निर्धारित राशि में से अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को गैर-प्रतिस्पर्धी बोली व्यवस्था के तहत आवंटित किया जा सकता है। इस श्रेणी में किसी एक बोलीदाता को अधिसूचित राशि के एक प्रतिशत से अधिक बांड आवंटित नहीं किए जाएंगे।
21 अक्टूबर तक करना होगा भुगतान
नीलामी का परिणाम 19 अक्टूबर को ही भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर घोषित किया जाएगा। सफल बोलीदाताओं को 21 अक्टूबर 2026 को बैंकिंग समय समाप्त होने से पहले निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा।
भुगतान के लिए नकद, बैंकर्स चेक, पे ऑर्डर, डिमांड ड्राफ्ट अथवा निर्धारित बैंक खाते से चेक सहित अधिसूचना में स्वीकृत माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। नीलामी के दौरान लागू शर्तों और आवंटन संबंधी नियमों के अनुसार निवेशकों को बांड दिए जाएंगे।
साल में दो बार मिलेगा ब्याज
इन सरकारी बांड पर सालाना 7.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। ब्याज की गणना 12 अगस्त 2026 की मूल जारी तिथि से बांड के अंकित मूल्य के आधार पर होगी। निवेशकों को ब्याज का भुगतान हर साल दो बार, 12 फरवरी और 12 अगस्त को किया जाएगा।
बांड की अवधि पूरी होने पर 12 अगस्त 2043 को मूलधन का भुगतान अंकित मूल्य के बराबर किया जाएगा। इस तरह निवेशकों को निर्धारित अवधि के दौरान नियमित ब्याज मिलने के साथ परिपक्वता पर मूल राशि वापस प्राप्त होगी।
बैंकों के लिए भी होंगे पात्र
अधिसूचना के अनुसार, ये सरकारी प्रतिभूतियां बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 के तहत बैंकों के वैधानिक तरलता अनुपात यानी एसएलआर के लिए पात्र होंगी। इसके अलावा, निर्धारित नियमों के अंतर्गत इन बांड का इस्तेमाल रेडी फॉरवर्ड लेनदेन में भी किया जा सकेगा।
पंजाब सरकार की इस पहल से विकास और पूंजीगत व्यय के लिए अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस उधारी से राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन सरकार के कुल कर्ज, ब्याज भुगतान और आगामी बजट प्रावधानों के संदर्भ में किया जाएगा।
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