देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंत्री की ओर से कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद अब गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने मंत्री की ओर से सार्वजनिक किए गए विवादित ऑडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार बताया। साहू का दावा है कि इस ऑडियो को परिवार में विवाद पैदा करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने रेखा आर्य से पुलिस को दी गई शिकायत वापस लेने की मांग भी की है।
वीडियो जारी कर मंत्री पर लगाए आरोप
गिरधारी लाल साहू ने अपने वीडियो संदेश में रेखा आर्य पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सत्ता और पद पर बने रहने का भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि जीवन में परिस्थितियां बदलती रहती हैं। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्य अपने जीवन में आगे बढ़ने के दौरान उनकी भूमिका को भूल गई हैं। साहू ने यह भी कहा कि उत्तराखंड के लोग उनके बारे में जानते हैं।
वीडियो में उन्होंने मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। साथ ही, शिकायत वापस नहीं लेने की स्थिति में उन्हें ईश्वर से सजा मिलने जैसी बात कही। हालांकि, साहू की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब पुलिस जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
मंत्री ने दर्ज कराई है प्राथमिकी
इससे पहले रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मंत्री ने शिकायत में जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया, जबकि उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया था। शिकायत में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी और अन्य महिलाओं से संबंधों को लेकर विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने मंत्री की शिकायत के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
विवादित ऑडियो को लेकर आमने-सामने दोनों पक्ष
इस विवाद में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। रेखा आर्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक ऑडियो साझा किया था और इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। ऑडियो में कथित तौर पर एक महिला से वकालतनामे पर हस्ताक्षर करने, जेल जाने की संभावना और मंत्री के पद पर बने रहने की अवधि को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया गया है।
रिकॉर्डिंग में कथित वक्ता महिला को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने और रेखा आर्य से जुड़े विवाद में अपनी भूमिका निभाने की बात कहता सुनाई देता है। बातचीत में पैसों के लेन-देन और पुलिस के समर्थन को लेकर भी कथित दावे किए गए हैं। हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और गिरधारी लाल साहू ने इसे एआई से तैयार बताया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जबकि गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए शिकायत वापस लेने की अपील की है।
अब पुलिस जांच में शिकायत, दस्तावेजों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल अहम होगी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की सत्यता और मामले के आगे के कानूनी घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।