इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ने की खबर सामने आई है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि ग्वादर जिले के जिवाणी क्षेत्र में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की दो नावों को निशाना बनाया गया, जिसमें 13 जवानों की मौत हो गई। संगठन ने 11 अक्टूबर को जारी बयान में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस कार्रवाई को उसकी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने अंजाम दिया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
समुद्री इकाई के जरिए कार्रवाई का दावा
BLA के बयान के मुताबिक, जिवाणी के तटीय क्षेत्र में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की दो नावों पर हमला किया गया। संगठन ने इसे अपनी समुद्री इकाई की कार्रवाई बताया है। BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के हवाले से कहा गया कि संगठन ने 13 अप्रैल को अपनी समुद्री इकाई गठित की थी।
संगठन का दावा है कि इस इकाई ने अपना पहला समुद्री अभियान 12 अप्रैल को मील तियाब इलाके में चलाया था। उस दौरान पाकिस्तानी नौसेना की एक गश्ती नौका को निशाना बनाने और तीन जवानों की मौत का दावा किया गया था। इन घटनाओं और हताहतों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BLA के अनुसार, हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स का उद्देश्य तटीय इलाकों में अपनी गतिविधियां संचालित करना और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की आवाजाही को बाधित करना है। संगठन की ओर से जारी बयान में ताजा हमले को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है।
ग्वादर बंदरगाह क्यों है अहम
बलूचिस्तान के दक्षिणी हिस्से में स्थित ग्वादर बंदरगाह रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का हिस्सा है, जो चीन की व्यापक बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) से जुड़ा हुआ है। इस परियोजना के माध्यम से चीन को अरब सागर तक पहुंच का महत्वपूर्ण मार्ग मिलता है।
हालांकि, इस परियोजना को लेकर बलूचिस्तान में असंतोष भी सामने आता रहा है। क्षेत्र के कुछ स्थानीय समूहों और निवासियों की शिकायत है कि विकास परियोजनाओं के बावजूद उन्हें रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा। जमीन के इस्तेमाल और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय नाराजगी
ग्वादर पहले एक शांत तटीय कस्बे के रूप में जाना जाता था, लेकिन बंदरगाह और उससे जुड़ी रणनीतिक परियोजनाओं के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था का महत्व बढ़ गया है। क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और विकास परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष की खबरें भी आती रही हैं।
ताजा हमले को लेकर BLA के दावे के बाद क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर ध्यान केंद्रित हुआ है। हालांकि, घटना में मारे गए जवानों की संख्या और हमले के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए स्वतंत्र या आधिकारिक जानकारी जरूरी होगी।
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