Delhi: रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए भारत ने रखा तीन सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव – The Hill News

Delhi: रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए भारत ने रखा तीन सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच करीब पांच साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में भारत ने सक्रिय कूटनीतिक पहल की है। नई दिल्ली ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम के लिए तीन हिस्सों वाली योजना सामने रखी है। इस प्रस्ताव में ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा के साथ काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही और बंदरगाहों से होने वाली जरूरी आपूर्ति को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, भारत का प्रयास केवल तत्काल संघर्ष रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे क्षेत्रों में तनाव कम करना भी है, जिनका असर वैश्विक ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति पर पड़ रहा है। नई दिल्ली की पहल ऐसे समय सामने आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है।

यूक्रेन ने भारत के प्रस्ताव की पुष्टि की

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने पुष्टि की है कि कीव को भारत की ओर से युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है। यह पहल विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यूक्रेन यात्रा के दौरान सामने आई थी। सिबिहा ने भारत के प्रस्ताव को रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से सामने रखी गई अंतरराष्ट्रीय पहलों में सबसे व्यापक बताया।

यूक्रेन को तुर्किए, मिस्र और अमेरिका की ओर से भी युद्धविराम से जुड़े प्रस्ताव मिले हैं। कीव का कहना है कि वह अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार करने को तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते में केवल सैन्य संघर्ष रोकने की बात पर्याप्त नहीं होगी। ऊर्जा प्रतिष्ठानों, बंदरगाहों और काला सागर क्षेत्र की सुरक्षा भी किसी संभावित समझौते का हिस्सा होनी चाहिए।

ऊर्जा और काला सागर पर भारत का जोर

भारत की तीन सूत्रीय योजना में ऊर्जा सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमले रोकना प्रमुख बिंदु है। इसके अलावा काला सागर के बंदरगाहों से अनाज और ऊर्जा की आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने तथा इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमले रोकने की बात कही गई है।

भारत का प्रस्ताव तुर्किए और मिस्र की पहलों से व्यापक माना जा रहा है। इन दोनों देशों की पहल मुख्य रूप से काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और अनाज की आवाजाही सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। वहीं, अमेरिकी प्रस्ताव में ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम पर अधिक जोर दिया गया है।

पुतिन ने मोदी की भूमिका की सराहना की

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मोदी के पास यूक्रेन के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने के अच्छे विचार हैं। पुतिन ने युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों के साथ भारत के संतुलित रुख की भी सराहना की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट किया है कि भारत केवल युद्ध समाप्त करने की अपील तक सीमित नहीं है, बल्कि मॉस्को और कीव दोनों के साथ व्यावहारिक स्तर पर बातचीत कर रहा है। हाल के महीनों में काला सागर में जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के साथ चर्चा हुई है।

भारत ने पूरे संघर्ष के दौरान बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। रूस के साथ भारत के पुराने रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों के बावजूद नई दिल्ली लगातार लड़ाई समाप्त करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील करती रही है। अब तीन सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव के जरिए भारत की भूमिका मध्यस्थता और तनाव कम करने की दिशा में और सक्रिय होती दिखाई दे रही है।

 

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