Himachal: नशे के खिलाफ संकल्प रथ यात्रा का राज्यपाल ने किया शुभारंभ – The Hill News

Himachal: नशे के खिलाफ संकल्प रथ यात्रा का राज्यपाल ने किया शुभारंभ

कसौली। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोलन जिले के कसौली में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित नशा विरोधी जागरूकता अभियान ‘संकल्प रथ यात्रा’ का शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान को बच्चों, परिवारों और समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से ही सफल हो सकती है।

राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और सैन्य विरासत के लिए पहचाने जाने वाले कसौली की पहचान पर्यटन स्थल के रूप में होनी चाहिए, न कि नशे से जुड़े क्षेत्र के तौर पर। उन्होंने पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी का असर युवाओं पर न पड़े और क्षेत्र की सामाजिक पहचान सुरक्षित रहे।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का सबसे चिंताजनक पहलू इसका युवाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए, उनकी बातें धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए और उन्हें यह भरोसा दिलाना चाहिए कि परिवार हर परिस्थिति में उनके साथ है। राज्यपाल ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी है, जो व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और भविष्य को प्रभावित करती है।

राज्यपाल ने कहा कि नशे के खिलाफ रणनीति में तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार, पुनर्वास और समाज में दोबारा स्थापित करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के तार संगठित अपराध और कुछ मामलों में सीमापार नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए इसे आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से जोड़कर देखना जरूरी है।

उन्होंने पुलिस, सुरक्षा बलों, प्रशासन और जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी कार्रवाई अकेले इस चुनौती का समाधान नहीं कर सकती। स्कूलों में नियमित काउंसलिंग, खेल, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल नशे के खिलाफ सुरक्षा की पहली पंक्ति बन सकते हैं।

राज्यपाल ने कसौली छावनी बोर्ड, सेना के जवानों और स्थानीय संस्थानों से भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सेना और अन्य संस्थानों का अनुशासन, अनुभव और मार्गदर्शन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि ‘संकल्प रथ यात्रा’ के माध्यम से नशे से बचाव का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों, महिला समूहों, युवा संगठनों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संस्थाओं से भी अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने युवाओं से नशे को स्पष्ट रूप से ‘न’ कहने और अपनी ऊर्जा खेल, योग, ज्ञान, कौशल विकास तथा राष्ट्र निर्माण में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गुलामी से बचाना पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। माता-पिता, शिक्षक, चिकित्सक, पुलिस, प्रशासन, सशस्त्र बल, सामाजिक संगठन और स्वयं युवा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने समाज के लिए उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। सांसद सुरेश कश्यप ने ट्रस्ट को अभियान के आयोजन के लिए बधाई दी और नशे से युवाओं की जिंदगी तथा परिवारों पर पड़ रहे असर पर चिंता जताई। स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने भी नशे की समस्या से निपटने के लिए शिक्षण संस्थानों और समाज की संयुक्त भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

इससे पहले ट्रस्ट के न्यासी नवनीत गौरियल ने राज्यपाल का स्वागत किया और अभियान की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेय, ट्रस्ट के अध्यक्ष राज किशोर, संरक्षक राज कुमार सिंगला, सिस्टर टेस्विन और सेंट मेरी स्कूल की प्रधानाचार्य सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

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