देहरादून, 2 अक्टूबर। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की स्मृति में शुक्रवार को देहरादून के कचहरी परिसर स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां पहुंचकर राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले आंदोलनकारी शहीदों को नमन किया। उन्होंने शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने के आंदोलन में अनेक लोगों ने संघर्ष किया और कई आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही अलग उत्तराखंड राज्य के गठन का सपना साकार हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान अपना जीवन समर्पित करने वाले आंदोलनकारियों का योगदान प्रदेश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था के बदलाव का परिणाम नहीं था, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक चला जनआंदोलन और हजारों लोगों का संघर्ष रहा। आंदोलनकारियों ने अलग राज्य की मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवाज उठाई। इस दौरान अनेक लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उत्तराखंड के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके योगदान को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है।
धामी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उस दिशा में प्रदेश को आगे बढ़ाना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण को सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के विकास में स्थानीय जरूरतों, युवाओं के अवसर और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पीछे आंदोलनकारियों की जो आकांक्षाएं थीं, उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विकास के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक संपदा और सामाजिक मूल्यों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। सरकार का उद्देश्य ऐसा उत्तराखंड तैयार करना है, जहां लोगों को बेहतर अवसर मिलें और राज्य के संसाधनों का लाभ प्रदेशवासियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी आह्वान किया कि वे शहीद आंदोलनकारियों के सपनों और मूल भावनाओं को याद रखते हुए राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे। शहीद स्थल पर उपस्थित लोगों ने भी राज्य आंदोलन के दौरान अपना जीवन बलिदान करने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।
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