देहरादून, 2 अक्टूबर। हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बैच में 50 विद्यार्थियों को एमबीबीएस में प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज की शुरुआत हरिद्वार में पहले से संचालित ईएसआईसी अस्पताल के मौजूदा बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल से की जाएगी।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित निर्णय 30 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित ईएसआईसी मुख्यालय में हुई कर्मचारी राज्य बीमा निगम की 198वीं बैठक में लिया गया था। इसी निर्णय के आधार पर अब हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई है। उपलब्ध अस्पताल सुविधाओं का इस्तेमाल मेडिकल शिक्षा के लिए किए जाने से नए संस्थान को आवश्यक स्वास्थ्य ढांचे का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के लिए एक और संस्थान उपलब्ध होगा। प्रत्येक बैच में 50 एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था होने से चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। इससे भविष्य में राज्य को प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को मौजूदा ईएसआईसी अस्पताल के आधारभूत ढांचे के साथ शुरू किया जाना संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अस्पताल की सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है।
हरिद्वार में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का असर केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच समन्वय मजबूत होने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों के बेहतर उपयोग का रास्ता भी खुलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिल सकती है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विस्तार देने के प्रयासों का हिस्सा है। मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को राज्य में एक और विकल्प उपलब्ध होगा। वहीं, ईएसआईसी अस्पताल की मौजूदा सुविधाओं का उपयोग किए जाने से नए संस्थान के संचालन में उपलब्ध संसाधनों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज की मंजूरी को राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में माना जा रहा है। अब कॉलेज को शुरू करने से जुड़ी आगामी प्रक्रियाओं और आवश्यक औपचारिकताओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
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