नई दिल्ली, 2 अक्टूबर। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी कर चुके 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची से छूट गए पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। इस अभियान का उद्देश्य उन मतदाताओं की पहचान करना है, जिनके नाम SIR से पहले की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन मौजूदा सूची में शामिल नहीं हैं। इसके साथ पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य पात्र नए मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है और SIR के दौरान किसी पात्र नागरिक का नाम शामिल नहीं हो पाने के कारण उसे मतदाता सूची में शामिल होने के अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
BLO करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन
विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO मौजूदा मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले प्रकाशित सूची से करेंगे। इस प्रक्रिया के जरिए ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पहले की सूची में थे, लेकिन बाद की सूची में नहीं मिल रहे हैं।
पहचाने गए लोगों का BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान और नामांकन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
मौके पर लिया जाएगा Form 6
अभियान के दौरान BLO ऐसे पात्र लोगों से Form 6 भी प्राप्त करेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसमें SIR के दौरान छूट गए पात्र मतदाताओं के साथ पहली बार मतदान करने वाले युवा भी शामिल होंगे। चुनाव आयोग की पहले की SIR प्रक्रिया में भी नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए Form 6 उपलब्ध कराने का प्रावधान रहा है।
आयोग ने प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के साथ साझा करने के निर्देश भी दिए हैं।
SIR को लेकर उठे सवालों के बीच कदम
SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची के मसौदे से बाहर होने को लेकर राजनीतिक दलों और अन्य पक्षों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में 13 करोड़ से अधिक नामों के मसौदा सूचियों से बाहर होने का उल्लेख किया गया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।
नए विशेष अभियान को इसी संदर्भ में मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। आयोग का कहना है कि अभियान के माध्यम से छूटे हुए पात्र मतदाताओं और नए मतदाताओं को पंजीकरण का अवसर दिया जाएगा।
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