चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने का फैसला किया है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से उन्हें इस फैसले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। पार्टी अब पंजाब इकाई के लिए नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में जुटी है और जल्द ही नाम की घोषणा किए जाने की संभावना है।
यह घटनाक्रम पंजाब के लिए कांग्रेस के नए प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट की ओर से संगठन को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के बाद सामने आया है। सितंबर की शुरुआत में सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली थी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पायलट ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं और जिला स्तर के पदाधिकारियों से बातचीत कर संगठन की स्थिति की जानकारी जुटाई थी। बताया गया है कि 50 से अधिक नेताओं और पदाधिकारियों के साथ हुई बातचीत से मिले फीडबैक पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
राजा वड़िंग को लेकर पार्टी में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा चल रही थी। जुलाई में कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखा था, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए।
अब नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें विजय इंदर सिंगला, परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला और सुखबिंदर सिंह सरकरिया के नाम शामिल हैं। पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं और अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान की ओर से लिया जाना है।
राजा वड़िंग से जब प्रदेश कांग्रेस में संभावित बदलाव को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने किसी तरह की विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कुछ मामले पार्टी के अंदरूनी होते हैं और सही समय आने पर वह इस बारे में जानकारी देंगे।
प्रदेश अध्यक्ष बदलने की प्रक्रिया ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब पंजाब में कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच संगठनात्मक भूमिका को लेकर लंबे समय से चर्चा रही है। सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद नेतृत्व ने संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी की है।
हाल के दिनों में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ नजर आए हैं। सितंबर में चंडीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह और विजय इंदर सिंगला समेत कई नेता एक मंच पर मौजूद थे।
अब निगाहें कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर टिकी हैं। पार्टी की ओर से अंतिम घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पंजाब कांग्रेस की कमान किस नेता को सौंपी जाती है और संगठन को आगामी चुनावों के लिए किस दिशा में आगे बढ़ाया जाता है।
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