हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकुल मैदान में आयोजित कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घ और सक्रिय जीवन की कामना की। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, समारोह सतपाल महाराज के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने सार्वजनिक जीवन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण से जुड़े संदेशों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी सतपाल महाराज के प्रति उनके अनुयायियों और समर्थकों के सम्मान को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने उनके साथ मंत्रिमंडल में काम करने के अनुभव का उल्लेख करते हुए उनके सहज व्यवहार, अनुभव और कार्य के प्रति समर्पण की भी चर्चा की।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के विकास, चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने तथा केदारखंड और मानसखंड जैसी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड सरकार राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी विस्तार दे रही है। धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को मिले राष्ट्रीय स्तर के सम्मान इन प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियों को दर्शाते हैं।
आगामी कुंभ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में होने वाला यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं होगा, बल्कि आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता से जुड़ा व्यापक आयोजन भी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुंभ की तैयारियों को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि देश और विदेश से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिलें और वे यहां से सकारात्मक एवं सुखद अनुभव लेकर लौटें।
धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ उत्तराखंड को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में काम करती रहेगी। उन्होंने जनसहयोग और संत समाज के मार्गदर्शन को इस प्रयास में महत्वपूर्ण बताया।
समारोह में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संतगण, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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