देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम के जरिए गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित श्री लक्ष्मणराव इनामदार द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन सहकार भारती उत्तराखंड की ओर से किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है और इसके लिए प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता है।
लक्ष्मणराव इनामदार की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सहकारिता आधारित व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि कुशल नेतृत्व से एम पैक्स मजबूत होंगे और इनके सशक्त होने से गांवों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना था कि मजबूत गांव ही समृद्ध उत्तराखंड की आधारशिला बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने पंतनगर को सहकारिता के क्षेत्र में नई पहल के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से कई ऐसे प्रयास शुरू हुए हैं, जिनसे सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल सकती है। सहकार ग्रंथ का लोकार्पण, देवभूमि सारथी राज्य सहकारी संघ की पहल, सहकारिता से जुड़े नए पाठ्यक्रम, युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया रील्स अभियान और एम पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य की ओर आगे ले जाने के लिए काम कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन, कृषि से जुड़ी चुनौतियां और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार की उपलब्धता जैसे विषयों पर सहकारिता प्रभावी भूमिका निभा सकती है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार, संसाधन और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारी संस्थाएं महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने पैक्स को सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि बदलते समय और जरूरतों को देखते हुए इन्हें एम पैक्स के रूप में अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। इनके जरिए किसानों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने, ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एम पैक्स को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है। नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य प्रतिभागियों को सहकारिता के साथ-साथ नई कार्यदृष्टि और प्रबंधन संबंधी समझ प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे प्रतिभागियों में अपने क्षेत्रों में बदलाव लाने की क्षमता विकसित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने किसान, युवा और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़ने को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता को केवल समितियों की गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाना जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, किसानों की आय के अवसर बढ़ाने और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति शिवेन्द्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
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