लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बड़ी छलांग लगाई है। प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप के क्षेत्र को विश्वस्तरीय औद्योगिक और संस्थागत हब के रूप में विकसित करने के लिए कई दूरगामी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों के जरिए जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में न केवल निवेश की गति बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे।
500 एकड़ में मेडिकल हब और एजुकेशन टाउनशिप
बोर्ड बैठक में संस्थागत विकास पर विशेष जोर दिया गया है। प्राधिकरण ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में कुल 500 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक मेडिकल हब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए सेक्टर-14 में ही 480 एकड़ की ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ विकसित की जाएगी। यहाँ देश और विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अपने परिसर स्थापित कर सकेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए ‘ताइवान सिटी’ और फार्मा क्लस्टर
विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए प्राधिकरण ने सेक्टर-06 में 300 एकड़ भूमि आरक्षित की है, जिसे विशेष रूप से ‘ताइवान सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ ताइवान की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक कंपनियां अपनी विनिर्माण इकाइयां लगाएंगी। इसी सेक्टर में 100 से 125 एकड़ जमीन पर एक फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन क्लस्टर भी बनेगा, जहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों (GMP) के अनुरूप दवाओं, कैप्सूल और टैबलेट का उत्पादन होगा।
स्टेडियम, बस अड्डा और किसानों को बड़ी राहत
जेवर एयरपोर्ट की बढ़ती महत्ता को देखते हुए बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए गए हैं। खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए सेक्टर-23डी में 50 एकड़ पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए सेक्टर-23सी में अंतर्राज्यीय बस अड्डा (ISBT) बनाया जाएगा। किसानों के लिए सेक्टर-34 में 36 एकड़ में आधुनिक मंडी स्थापित होगी। साथ ही, प्राधिकरण ने किसानों से जमीन खरीदने की दरों में 6 प्रतिशत की वृद्धि की है। अब गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के किसानों को 4,300 रुपये के बजाय 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान मिलेगा।
| यीडा बोर्ड बैठक के मुख्य आकर्षण |
| • मेडिकल हब: 500 एकड़ भूमि पर आधुनिक चिकित्सा केंद्र। |
| • ताइवान सिटी: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हेतु 300 एकड़ समर्पित क्षेत्र। |
| • यूनिवर्सिटी टाउनशिप: उच्च शिक्षा के लिए 480 एकड़ का विशेष क्षेत्र। |
| • स्टेडियम व बस अड्डा: खेल और परिवहन सुविधाओं का विस्तार। |
| • किसानों को तोहफा: भूमि खरीद की दरों में 6% की वृद्धि। |
राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति में जबरदस्त मजबूती देखी गई है। पिछले वर्ष की तुलना में यीडा की आय में 90.25 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां अब 1,853.74 करोड़ रुपये तक पहुँच गई हैं, जिसमें सर्वाधिक योगदान औद्योगिक और मिक्स-लैंड योजनाओं का रहा है। इसके अतिरिक्त, मेडिकल डिवाइस पार्क में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग फैसिलिटी भी विकसित की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ के ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में यीडा के ये फैसले मील का पत्थर साबित होंगे। जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहा यह नया आर्थिक क्षेत्र आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की प्रगति का इंजन बनेगा।
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