देहरादून। उत्तराखंड को औद्योगिक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ (IMC) खुरपिया के विकास को लेकर एक विस्तृत और महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की बैठक में वर्चुअल माध्यम से शिरकत की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खुरपिया परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में जानकारी दी कि आईएमसी खुरपिया के लिए चिन्हित 1,002 एकड़ भूमि अब पूरी तरह से बाधा मुक्त है और इस पर परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए निर्माण अनुबंध (EPC) मार्च 2026 में ही किया जा चुका है, जिसके बाद धरातल पर बुनियादी ढांचे का काम शुरू हो गया है।
कनेक्टिविटी और बिजली पर विशेष ध्यान
पुष्कर सिंह धामी ने जोर देकर कहा कि किसी भी औद्योगिक क्लस्टर की सफलता के लिए मजबूत परिवहन व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार नागला-किच्छा हाईवे (SH-44) के 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में बदलने जा रही है। यह मार्ग खुरपिया क्लस्टर को प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा। इसके अलावा, उद्योगों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए पिटकुल (PITCUL) द्वारा एक विशाल 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
| खुरपिया क्लस्टर परियोजना: मुख्य बिंदु |
| • कुल भूमि: 1,002 एकड़ (पूरी तरह अधिग्रहित और बाधा मुक्त)। |
| • सड़क निर्माण: 24.1 किलोमीटर का राइट ऑफ वे (ROW) ठेकेदार को सौंप दिया गया है। |
| • डेडलाइन: दिसंबर 2028 तक मुख्य बुनियादी ढांचा पूरा करने का लक्ष्य। |
| • कनेक्टिविटी: नागला-किच्छा राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। |
| • ऊर्जा: 400/220 केवी का नया पावर सब-स्टेशन बनेगा। |
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमसी खुरपिया केवल उद्योगों का समूह नहीं होगा, बल्कि यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास का एक बड़ा केंद्र बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस क्लस्टर के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आए, जिससे न केवल राज्य की जीडीपी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखें ताकि किसी भी स्तर पर काम में देरी न हो।
केंद्र और राज्य का समन्वय
पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार और एनआईसीडीसी (NICDC) से इस परियोजना के लिए निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड का यह इंडस्ट्रियल हब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खुरपिया क्लस्टर को एक प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। बैठक के दौरान सचिव विनय शंकर पाण्डेय भी मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को तकनीकी प्रगति से अवगत कराया। खुरपिया का यह विकास आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।