शिमला। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है, लेकिन इस सूची ने हिमाचल प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को हैरत में डाल दिया है। भाजपा की इस नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हिमाचल प्रदेश से किसी भी नेता को जगह नहीं मिली है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि चारों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने के बावजूद संगठन में प्रदेश की इस तरह अनदेखी क्यों की गई। हालांकि, हिमाचल से लंबे समय तक जुड़े रहे महेंद्र पांडे को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन वे मूल रूप से इस राज्य के नहीं हैं।
राष्ट्रीय टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू होने के समय से ही पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा था। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक यह माना जा रहा था कि अनुराग ठाकुर को संगठन में कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उनके अलावा पूर्व राज्यसभा सदस्य इंदु गोस्वामी, वर्तमान सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और लोकसभा सदस्य सुरेश कश्यप के नाम भी चर्चा के केंद्र में थे।
नड्डा के बाद बदला समीकरण
हिमाचल के लिए यह स्थिति इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि भाजपा की पिछली राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन जेपी नड्डा ने किया था, जो स्वयं हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं। जेपी नड्डा के लंबे समय तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने के कारण प्रदेश भाजपा को उम्मीद थी कि नई टीम में भी राज्य का दबदबा कायम रहेगा या कम से कम प्रतिनिधित्व को अधिमान मिलेगा। लेकिन नई टीम की घोषणा के बाद प्रदेश की झोली खाली रहने से कार्यकर्ताओं में मायूसी और भविष्य को लेकर नई जिज्ञासाएं पैदा हो गई हैं।
| राष्ट्रीय संगठन की दौड़ में शामिल थे ये प्रमुख नाम |
| • अनुराग ठाकुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद। |
| • सुरेश कश्यप: शिमला से लोकसभा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। |
| • डॉ. सिकंदर कुमार: राज्यसभा सदस्य और संगठन के अनुभवी चेहरा। |
| • इंदु गोस्वामी: पूर्व राज्यसभा सदस्य और महिला मोर्चा की सक्रिय नेता। |
अब मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर
संगठन में जगह न मिलने के बाद अब प्रदेश भाजपा की सारी उम्मीदें केंद्र सरकार के आगामी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिक गई हैं। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश से केवल जेपी नड्डा ही केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हिमाचल की सभी चारों सीटों पर क्लीन स्वीप किया था, इसलिए राज्य को केंद्र सरकार में और अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की प्रबल संभावना है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि संगठन में जगह न देकर शायद आलाकमान हिमाचल के किसी कद्दावर नेता को सरकार में बड़ी भूमिका देने की योजना बना रहा है। इस दौड़ में भी अनुराग ठाकुर का नाम सबसे आगे है, जिनके पास पहले भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का अनुभव रहा है।
| हिमाचल में भाजपा की वर्तमान स्थिति |
| • लोकसभा सीटें: 04 (सभी पर भाजपा का कब्जा) |
| • राज्यसभा में प्रतिनिधित्व: डॉ. सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन। |
| • प्रमुख उपलब्धि: 2024 चुनाव में शत-प्रतिशत परिणाम। |
हिमाचल भाजपा के पास वर्तमान में अनुभवी नेताओं की एक लंबी सूची है। हर्ष महाजन जैसे रणनीतिकार और सुरेश कश्यप जैसे जमीनी नेताओं के साथ पार्टी प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में जगह न मिलने की भरपाई क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल विस्तार में करेंगे। फिलहाल, सभी की नजरें दिल्ली की हलचलों पर टिकी हैं, जहाँ से हिमाचल के भविष्य की नई इबारत लिखी जा सकती है।