Uttarakhand: रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर पर पहुँचा प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। रुद्रप्रयाग जिले में सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा जमा हुआ है, जिससे भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर अपने चेतावनी स्तर तक पहुँच चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से नदी तटों से दूर रहें और अनावश्यक रूप से पानी के समीप न जाएं।


अलकनंदा का जलस्तर चेतावनी स्तर के बराबर
सोमवार सुबह 7 बजे ली गई रीडिंग के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.00 मीटर दर्ज किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यह स्तर नदी के निर्धारित चेतावनी स्तर के ठीक बराबर है। हालांकि, जिले की अन्य प्रमुख नदियों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 624.70 मीटर, गंगानगर में 800.20 मीटर और गौरीकुंड में 1973.80 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो अभी अपने-अपने चेतावनी स्तरों से काफी नीचे बह रही हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आकस्मिक वृद्धि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


बीते 24 घंटों में हुई वर्षा का विवरण
रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जखोली तहसील में सर्वाधिक 25.00 मिमी वर्षा हुई है। इसके अलावा उखीमठ में 12.50 मिमी और रुद्रप्रयाग मुख्य तहसील में 4.00 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश और बादलों की लुकाछिपी के बीच जिले का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान के 29 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में वर्षा की तीव्रता बढ़ने के संकेत दिए हैं।


12 महत्वपूर्ण सड़क मार्ग हुए अवरुद्ध
मूसलाधार बारिश और पहाड़ों से गिरने वाले मलबे के कारण जिले की यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। वर्तमान में रुद्रप्रयाग जिले में कुल 12 मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। इनमें एक राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे), लोक निर्माण विभाग की 4 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत आने वाली 6 ग्रामीण सड़कें और एनपीसीसी का 1 मार्ग शामिल है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिले के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल खुले हुए हैं और वहां वाहनों का संचालन जारी है। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद सड़कों को खोलने के लिए भारी मशीनरी के साथ जुटी हुई हैं।


प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-जागरूकता अभियान
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा संवेदनशील बस्तियों और घाटों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी कराई जा रही है। लोगों को सतर्क रहने और जल स्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के लिए उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने को कहा है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी आपदा, भूस्खलन या मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराएं ताकि समय रहते सहायता पहुँचाई जा सके।

 

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