देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टिहरी में प्रस्तावित नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें मेडिकल कॉलेज के निर्माण, भूमि चयन और इसकी भविष्य की रूपरेखा पर गहन मंथन किया गया। सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि इस कॉलेज की स्थापना से न केवल टिहरी जिले बल्कि पूरे प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी।
रणनीतिक स्थान पर होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण
बैठक के दौरान सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जाए, जहां से राज्य की अधिकतम जनसंख्या को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थान का चयन इस तरह किया गया है कि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकें। स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि इस मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे उन्हें इलाज के लिए ऋषिकेश या देहरादून जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
आधुनिक सुविधाओं और मास्टर प्लान पर जोर
सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को एक व्यापक मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक चिकित्सा उपकरण, उच्च स्तरीय प्रयोगशालाएं और शिक्षण सुविधाएं शामिल होंगी। यह कॉलेज न केवल एक चिकित्सालय के रूप में कार्य करेगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में भी उभरेगा। सरकार का लक्ष्य इसे नवीनतम तकनीकों से लैस करना है ताकि यहां पढ़ने वाले छात्रों और इलाज कराने वाले मरीजों को विश्वस्तरीय वातावरण मिल सके।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ यह परियोजना टिहरी क्षेत्र के युवाओं के लिए भी नई उम्मीद लेकर आई है। सुबोध उनियाल ने रेखांकित किया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे। शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियों के अलावा अस्पताल के आसपास व्यापारिक गतिविधियों में भी इजाफा होगा। यह परियोजना आर्थिक दृष्टि से भी टिहरी जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
भूमि चयन प्रक्रिया पूरी और प्रशासनिक निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। इस कार्य को गति प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने टिहरी के जिलाधिकारी को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चयनित भूमि से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव अविलंब शासन को भेजा जाए ताकि अग्रिम कार्रवाई और निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। शासन चाहता है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का प्रशासनिक विलंब न हो।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
सुबोध उनियाल ने अंत में दोहराया कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्थापना उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इस बैठक में अपर सचिव रोहित मीणा भी मौजूद रहे, जिन्होंने परियोजना के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर अपनी राय रखी। सरकार का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की बढ़ती संख्या से राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर होगी और आम जनमानस को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।