Uttarpradesh: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में महंत नृत्य गोपाल दास की पहली प्रतिक्रिया, कहा- दोषियों को मिले कड़ी सजा

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा और बहुमूल्य रत्नों की चोरी के मामले ने देश भर के राम भक्तों को झकझोर दिया है। इस प्रकरण में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों पर उठते सवालों के बीच पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। महंत ने एक नाराजगी भरा पत्र जारी कर इस घटना को अक्षम्य अपराध बताया है।

महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने पत्र में लिखा कि राम मंदिर में हुई चोरी की इस घटना से वे अत्यंत आहत और दुखी हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिस किसी ने भी प्रभु के दरबार में यह पाप किया है, उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। महंत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था से जुड़ा है, इसलिए किसी भी व्यक्ति या संगठन को अपने व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर जताया अटूट विश्वास
अपनी अस्वस्थता के बावजूद, महंत नृत्य गोपाल दास ने देश के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली पर पूर्ण विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीएम और पीएम के नेतृत्व में जांच एजेंसियां इस पाप में शामिल हर एक व्यक्ति को उसके अंजाम तक पहुंचाएंगी।

यात्री सुविधा केंद्र में होगी ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक
चढ़ावा चोरी प्रकरण और ट्रस्ट के भीतर मचे घमासान के बीच सोमवार दोपहर तीन बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित की गई है। पहले यह बैठक महंत नृत्य गोपाल दास के निवास स्थान ‘मणिराम दास की छावनी’ में होनी थी, लेकिन सुरक्षा और अन्य कारणों से अब इसका स्थान बदलकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित ‘यात्री सुविधा केंद्र’ कर दिया गया है। अस्वस्थ होने के कारण महंत नृत्य गोपाल दास इस बैठक में वर्चुअल (डिजिटल) माध्यम से शामिल होकर अध्यक्षता करेंगे।

ट्रस्ट के सदस्यों का कड़ा रुख
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने भी इस मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रामलला के दरबार में चोरी के मामले की पैरवी स्वयं मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और शासन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यदि इस महापाप के दोषियों को फांसी की सजा भी दी जाती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। ट्रस्ट के सभी लोग न्याय के पक्ष में हैं और किसी भी अपराधी को बख्शने के पक्ष में नहीं हैं।”

 

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