नई दिल्ली। देश की राजधानी में ई-रिक्शा के संचालन और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले दो चीनी मोबाइल ऐप्स पर केंद्र सरकार ने बड़ा प्रहार किया है। सरकार ने ‘BAT-BMS’ नाम के इन दो ऐप्स को ऐप स्टोर से तुरंत हटाने का आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई है, जिनमें यह सामने आया था कि इन चीनी ऐप्स के माध्यम से दिल्ली की सड़कों पर चल रहे ई-रिक्शा को दूर बैठे ही बंद किया जा रहा था।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने इस मामले में सरकार के कड़े रुख की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन दो संदिग्ध ऐप्स के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए इन्हें प्रतिबंधित करने और ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए गए। शुक्रवार को सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए एस. कृष्णन ने जोर देकर कहा कि ऐप स्टोर संचालकों को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐप्स की पूरी सावधानी और गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
क्या है पूरा विवाद और सुरक्षा जोखिम?
यह मामला गुरुवार को तब चर्चा का विषय बना जब कुछ ऐसी खबरें और वीडियो सामने आए, जिनमें दिखाया गया था कि ई-रिक्शा को अचानक सड़क पर ही रोक दिया गया। जांच में यह तथ्य उभरकर आया कि इन ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाला ‘व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम’ चीनी स्मार्टफोन ऐप BAT-BMS से जुड़ा हुआ था। इस ऐप में एक ‘रिमोट शटडाउन’ (दूर से बंद करने वाला) फीचर मौजूद है, जिसका उपयोग कर ई-रिक्शा को कहीं से भी नियंत्रित या बंद किया जा सकता था।
इस फीचर ने न केवल ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की भौतिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, बल्कि इंटरनेट से जुड़ी परिवहन प्रणालियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी विदेशी ऐप के जरिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों को इस तरह नियंत्रित करना राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
ऐप स्टोर्स की जवाबदेही पर जोर
आईटी सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार ऐप स्टोर संचालकों के समक्ष इस मुद्दे को उठाएगी। उनका कहना है कि यह पक्का करना डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी ऐसे ऐप को स्थान न दें जो उपयोगकर्ताओं या सार्वजनिक प्रणालियों को नुकसान पहुंचा सकते हों। सरकार ने साफ कर दिया है कि भविष्य में इस तरह की साइबर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नियमों को और सख्त किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा के लिए चेतावनी
इस घटना ने स्मार्ट वाहनों और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से लैस उपकरणों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट में भी इस बात पर जोर दिया गया कि जैसे-जैसे परिवहन के साधन डिजिटल हो रहे हैं, उनकी सुरक्षा के प्रति सतर्कता भी बढ़ानी होगी। सरकार की इस त्वरित कार्रवाई को भविष्य में होने वाले ऐसे किसी भी डिजिटल हमले को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई अन्य ऐप इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल न हो।
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