देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का सिलसिला बरकरार रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। देहरादून स्थित प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में गढ़वाल मंडल की तीन लोकसभा सीटों—टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी—के अंतर्गत आने वाली विधानसभाओं के लिए विस्तृत चुनावी खाका तैयार किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जनता के साथ संवाद बढ़ाना और ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाना रहा।
बैठक में तय किया गया कि आने वाले दिनों में पार्टी विधानसभा स्तर पर विभिन्न वर्गों जैसे प्रबुद्ध वर्ग, पूर्व सैनिक, युवा, महिला और अल्पसंख्यकों के सम्मेलन आयोजित करेगी। संगठन ने साफ किया है कि कार्यकर्ताओं को जनता के साथ सीधा और जीवंत संपर्क स्थापित करना होगा। यदि जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की नाराजगी या कमी है, तो उसे तत्काल दूर कर हर व्यक्ति को साथ लेकर चलने का निर्देश दिया गया है।
भाजपा की नई रणनीतिक योजना
पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए कुछ प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है:
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सम्मेलनों का आयोजन: युवाओं, महिलाओं और पूर्व सैनिकों के लिए विशेष विधानसभा स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना।
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संवाद और समन्वय: विधायकों का अपने निर्वाचन क्षेत्र के हर हिस्से में नियमित प्रवास और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल।
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विकास कार्यों का प्रचार: पिछले 10 वर्षों में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों का तुलनात्मक विवरण जनता के सामने रखना।
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बूथ सशक्तिकरण: राज्य में अब बूथों की संख्या 11,729 से बढ़कर 12,453 हो गई है। पार्टी अब इन नए बूथों के अनुसार नई कार्यकारिणी और अध्यक्षों की नियुक्ति करेगी।
नेतृत्व का आह्वान और मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जनहित की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने वर्तमान मानसून सीजन को देखते हुए कार्यकर्ताओं से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जनता की मदद करने का आह्वान किया। धामी के अनुसार, सेवा और विकास ही भाजपा की राजनीति का मूल आधार है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हारी हुई और कमजोर सीटों पर विशेष मंथन किया। उन्होंने विधायकों को सुझाव दिया कि वे अपने क्षेत्रों में उन विकास कार्यों की सूची तैयार करें जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर कराकर राजनीतिक और सामाजिक लाभ लिया जा सके। उन्होंने विधायकों और मंडल पदाधिकारियों के बीच सामूहिक बैठकों पर जोर दिया।
हरिद्वार और गढ़वाल पर विशेष ध्यान
बैठक में हरिद्वार जिले को लेकर गहन चर्चा हुई, क्योंकि पिछले चुनावों में यहां पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था। हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस बार सावधानी के साथ कड़ी मेहनत की जाएगी और पिछले प्रदर्शन में सुधार करते हुए अधिक सीटें जीती जाएंगी।
वहीं, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि भाजपा की रणनीति पूरी तरह विकास पर आधारित है। उन्होंने राज्य के पिछले 9.5 साल के ट्रैक रिकॉर्ड को जनता के बीच ले जाने की बात कही। बलूनी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के विकास के स्वप्न को पूरा करने के लिए जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताएगी। बैठक में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार, तरुण बंसल और विभिन्न जिलों के अध्यक्ष एवं विधायक उपस्थित रहे। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ‘बूथ जीतो-चुनाव जीतो’ की नीति पर चलते हुए हर मोर्चे पर विपक्ष को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है।