देहरादून, 29 जून। उत्तराखंड की विकास योजनाओं को गति देने के लिए सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में संपन्न हुई व्यय वित्त समिति की इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत किए गए कई बड़े विकास प्रस्तावों को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन योजनाओं में स्वास्थ्य, परिवहन और पेयजल क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनसे आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को क्रियाशील बनाने पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार योजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस मेडिकल कॉलेज को जल्द से जल्द पूरी तरह क्रियाशील (फंक्शनल) बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में कॉलेज के रखरखाव (मेंटेनेंस) में कोई समस्या न आए, इसके लिए बजट में अभी से आवश्यक प्रविधान रखे जाएं।
हल्द्वानी में बनेगा नया रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस
परिवहन विभाग के अंतर्गत हल्द्वानी में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) के निर्माण कार्य को भी समिति ने हरी झंडी दिखा दी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 3569.28 लाख रुपये आंकी गई है। इस दौरान मुख्य सचिव ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व में स्वीकृत प्रोजेक्ट को रद्द करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अब इसे एक नए प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाए ताकि आधुनिक जरूरतों के अनुसार कार्यालय का निर्माण हो सके।
ऊर्जा और पेयजल योजनाओं को मिली वित्तीय स्वीकृति
व्यय वित्त समिति ने उरेडा (UREDA) के ऊर्जा पार्क परिसर में ‘सुपर ई0सी0बी0सी0’ ऑफिस बिल्डिंग के निर्माण प्रस्ताव को भी पारित किया। इस परियोजना पर लगभग 16.13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, देहरादून के सहस्रधारा रोड क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए ‘सहस्रधारा रोड वाटर सप्लाई स्कीम’ को मंजूरी दी गई। 113.16 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम लागत वाली योजना से क्षेत्र की बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
बैठक में स्वीकृत मुख्य विकास योजनाएं
| योजना का नाम | स्वीकृत लागत (लगभग) | मुख्य उद्देश्य |
| राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार | संशोधित लागत | चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार |
| आरटीओ कार्यालय, हल्द्वानी | 35.69 करोड़ रुपये | परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाना |
| सहस्रधारा रोड पेयजल योजना | 113.16 करोड़ रुपये | क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित करना |
| सुपर ईसीबीई ऑफिस बिल्डिंग | 16.13 करोड़ रुपये | ऊर्जा संरक्षण और प्रशासनिक दक्षता |
इस बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और संबंधित प्रोजेक्ट्स पर अपनी राय रखी। बैठक में मुख्य रूप से प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत और सचिव श्रीधर बाबू अद्धांकी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि राज्य के विकास कार्यों का लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके।
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