Himachal: शिमला को लटकते तारों से मिलेगी मुक्ति मुख्यमंत्री सुक्खू ने रखी 246 करोड़ के भूमिगत डक्ट प्रोजेक्ट की आधारशिला

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को राजधानी शिमला के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और इसकी सुंदरता को निखारने के उद्देश्य से 246 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट प्रोजेक्ट’ की आधारशिला रखी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य लक्ष्य शहर में बिजली और संचार की लटकती तारों के जाल को खत्म करना और नागरिक सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाना है।

इस परियोजना के तहत शिमला के प्रमुख हिस्सों में एक एकीकृत भूमिगत डक्ट नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। यह नेटवर्क छोटा शिमला-विली पार्क-चौरा मैदान, लोक भवन-ओक ओवर और लोअर बाजार के रास्ते शेर-ए-पंजाब से सीटीओ चौक तक फैला होगा। प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बिजली, इंटरनेट और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं एक व्यवस्थित भूमिगत प्रणाली के माध्यम से संचालित होंगी। इससे न केवल सड़कों को बार-बार खोदने की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि राज्य की राजधानी का शहरी परिदृश्य भी पूरी तरह बदल जाएगा।

शिलान्यास के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, टिकाऊ और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भूमिगत यूटिलिटी डक्ट सिस्टम लागू होने से सेवाओं की आपूर्ति में सुधार होगा और मरम्मत कार्यों के दौरान होने वाली बाधाओं में काफी कमी आएगी। यह पहल शिमला को एक अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और कुशल शहर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को शिमला के ऐतिहासिक स्वरूप को बचाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि शहर भर में ऊपर से गुजरने वाली केबलों को जमीन के नीचे स्थानांतरित करने से शिमला की प्राकृतिक और दृश्य सुंदरता बढ़ेगी। इससे यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को एक बेहतर वातावरण मिलेगा। यह परियोजना न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि शिमला के हेरिटेज चरित्र और सुरम्य सुंदरता को संरक्षित करके पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा समर्थन देगी।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भूमिगत नेटवर्क से आवश्यक सेवाओं का रख-रखाव सरल हो जाएगा। विशेष रूप से भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के दौरान, जब अक्सर बिजली और संचार सेवाएं ठप हो जाती हैं, यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगी। इससे सर्दियों के दौरान शहरवासियों को होने वाली परेशानियों में भारी कमी आएगी।

इस कार्यक्रम के दौरान विधायक हरीश जनार्था, शिमला नगर निगम के महापौर सुरिंदर चौहान, विभिन्न क्षेत्रों के पार्षद, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में शिमला को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट शहरों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

 

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