नई दिल्ली, 08 मई 2026। दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कगजम (टीवीके) अब राज्य में नई सरकार के गठन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुकी है। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है और विजय की पार्टी सत्ता संभालने के लिए तैयार है। खबरों के मुताबिक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का मन बना लिया है।
इस राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को अपना समर्थन देने का आधिकारिक एलान कर दिया है। जैसे ही वामदलों और वीसीके के समर्थन की खबरें सार्वजनिक हुईं, चेन्नई स्थित टीवीके के पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मुख्यालय के बाहर जमा होकर ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। यदि ये सभी दल आधिकारिक तौर पर समर्थन पत्र सौंप देते हैं, तो टीवीके विधानसभा में बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लेगी।
चुनाव परिणामों की बात करें तो विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है। टीवीके इस जादुई आंकड़े से महज 10 सीटें दूर थी। गुरुवार को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बाद पार्टी की स्थिति मजबूत हुई थी, लेकिन फिर भी वह बहुमत से कुछ कदम दूर थी। अब सीपीआई, सीपीआई-एम और वीसीके के साथ आने से पार्टी की राह पूरी तरह निष्कंटक नजर आ रही है।
सरकार बनाने की प्रक्रिया को लेकर टीवीके प्रमुख विजय जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। यह उनकी राज्यपाल के साथ तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले भी बुधवार और गुरुवार को विजय ने अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से भेंट की थी, लेकिन वे बैठकें किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थीं। माना जा रहा है कि इस तीसरी मुलाकात में विजय समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।
इस दौरान प्रदेश में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की चर्चा भी तेज रही। पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में एआईएडीएमके नेताओं के साथ टीवीके की बातचीत चलने की खबरें भी आई थीं। दोनों दलों के बीच गठबंधन या समर्थन की संभावनाओं को लेकर गहन चर्चा हुई, जिसने राज्य की सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया था। थलापति विजय की पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरते हुए न केवल सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया, बल्कि स्पष्ट बहुमत न होने की स्थिति में भी अन्य दलों को अपने पक्ष में करने में सफलता हासिल की है। अब गठबंधन की इस राजनीति में विजय की पार्टी निर्णायक भूमिका में आ गई है और तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज होने के लिए तैयार है।
Pls read:TN: तमिलनाडु में सरकार बनाने की कवायद तेज विजय ने राज्यपाल से की मुलाकात