देहरादून, 14 अप्रैल। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों के दौरान विकास कार्यों ने उल्लेखनीय गति पकड़ी है। समन्वित योजनाओं के चलते राज्य में वर्तमान समय में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर काम जारी है। इन परियोजनाओं का प्रभाव सड़क, रेल, हवाई संपर्क, पर्यटन, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है।
सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से ऑल वेदर रोड परियोजना पर काम जारी है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। इसके अलावा सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून और अन्य बाईपास मार्गों का निर्माण विभिन्न चरणों में चल रहा है। रेल क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना अंतिम चरण की ओर है, वहीं टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को भी मंजूरी मिल चुकी है।
हवाई सेवाओं के विस्तार के तहत जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ हवाई अड्डों का विकास किया गया है। उड़ान योजना के तहत कई हेलीपोर्ट विकसित हुए हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है।
रोपवे परियोजनाओं के जरिए पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में काम जारी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्यों में तेजी आई है। कुमाऊं क्षेत्र में मंदिरों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके साथ ही जल परियोजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार किए जा रहे हैं। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण हो रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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