Uttarakhand: अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति पर केंद्र सरकार गंभीर कृषि मंत्री ने दिए व्यापक समीक्षा के निर्देश

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के विभिन्न राज्यों में हाल ही में हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और पाला पड़ने की घटनाओं का कड़ा संज्ञान लिया है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए उन्होंने कृषि मंत्रालय के उच्चाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। चौहान ने स्पष्ट किया है कि किसानों की मेहनत की फसल को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई और सहायता के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कृषि मंत्री ने निर्देशित किया कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी संबंधित राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभागों से निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों से फसल क्षति की सटीक जानकारी और आंकड़े एकत्रित किए जाएं ताकि नुकसान की भयावहता का सही अनुमान लगाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से ही प्रभावित किसानों तक त्वरित गति से सहायता पहुंचाई जा सकती है। डेटा संकलन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए भी उन्होंने विशेष निर्देश दिए हैं।

किसानों का मनोबल बढ़ाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने देश के समस्त किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त किया है कि उन्हें इस संकट के समय में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर परिस्थिति में किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में मोदी सरकार पूरी मजबूती के साथ अन्नदाताओं के साथ खड़ी है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

इसी क्रम में, कृषि मंत्री आज ही प्रभावित राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस चर्चा के दौरान ओला-पाला और अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति की जमीनी हकीकत और राज्यों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की जाएगी। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य राहत कार्यों में तेजी लाना और प्रभावित किसानों को मिलने वाली वित्तीय या अन्य सहायता की रूपरेखा तैयार करना है। चौहान व्यक्तिगत रूप से इस पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि आपदा प्रबंधन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर विलंब न हो। सरकार का प्रयास है कि अंतिम छोर पर खड़े प्रभावित किसान तक समय पर मदद पहुंच सके।

 

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