देहरादून। उत्तराखंड में अवस्थापना सुविधाओं के विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के बाद भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऋषिकेश बाईपास के चार-लेन निर्माण कार्य को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 1105.79 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है, जिससे ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
यह बहुप्रतीक्षित बाईपास परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर से शुरू होकर खरासोटे पुल तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबे इस बाईपास का निर्माण भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा। इस पूरी परियोजना को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर तैयार किया जाएगा। मंत्रालय ने इसके लिए बजट का प्रावधान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए किया है और देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए आहरण एवं वितरण अधिकारी नामित किया गया है।
इस बड़ी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। धामी ने बताया कि ऋषिकेश बाईपास के बन जाने से न केवल स्थानीय लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी काफी सुविधा होगी। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य के समग्र विकास और बेहतर सड़क नेटवर्क की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
परियोजना के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो इसके निर्माण के लिए पहले 1151.18 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था, जिसे बाद में संशोधित कर 1105.79 करोड़ रुपये तय किया गया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य को आगामी तीन वर्षों की समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा। किसी भी परिस्थिति में निर्माण की लागत या समय में वृद्धि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए निविदाएं ई-टेंडरिंग के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
ऋषिकेश में लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ यह बाईपास उत्तराखंड के पर्यटन और आर्थिक विकास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। धामी सरकार की इस पहल से ऋषिकेश शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम होगा और चारधाम के द्वार तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। राज्य के आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में इसे एक बहुत बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। इस बाईपास के बनने के बाद देहरादून और हरिद्वार से आने वाले यात्रियों को ऋषिकेश शहर के बीच से नहीं गुजरना पड़ेगा।