Himachal: प्रदेश में पहली अप्रैल से लागू होंगे नए नियम आम जनता की जेब और थाली पर दिखेगा सीधा असर

शिमला। हिमाचल प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही पहली अप्रैल से आम जनता के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में की गई घोषणाओं और सरकार के हालिया फैसलों का सीधा असर प्रदेश के नागरिकों की कमाई, खर्च और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ये बदलाव न केवल बाजार की कीमतों को प्रभावित करेंगे, बल्कि सरकारी कर्मचारियों से लेकर किसानों तक के जीवन में नई व्यवस्थाएं लेकर आएंगे।

राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और उच्च अधिकारियों के वेतन का एक हिस्सा आगामी छह महीनों के लिए स्थगित रखा जाएगा। वहीं, आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में एक पैसे प्रति यूनिट की मामूली कटौती कर राहत देने का प्रयास किया गया है। दूसरी ओर, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स की दरों में वृद्धि की गई है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध के स्वर भी उठ रहे हैं। इस टैक्स वृद्धि के कारण बाजार में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में इजाफे की आशंका जताई जा रही है।

नई आबकारी नीति लागू होने से प्रदेश में शराब के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे सरकार ने लगभग 2900 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। संपत्ति के क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने नियम बनाया है कि 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति यदि किसी महिला के नाम पंजीकृत होती है, तो स्टाम्प ड्यूटी केवल चार प्रतिशत ही देय होगी। सामाजिक सुरक्षा के तहत बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 51,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, शिक्षकों और पुलिस कांस्टेबल के कुल 1,050 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

श्रमिकों और मानदेय कर्मचारियों के लिए यह वित्त वर्ष खुशियां लेकर आया है। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। दिहाड़ीदारों के लिए न्यूनतम दिहाड़ी अब 750 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के वेतन में भी इजाफा किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी। अब गाय का दूध 51 से 61 रुपये और भैंस का दूध 61 से 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने गेहूं, मक्का, जौ और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि की है। अदरक के लिए पहली बार 30 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य तय किया गया है। इसके अलावा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब एपीएल परिवारों को प्रति राशन कार्ड 11 के बजाय 12 किलो आटा उपलब्ध कराया जाएगा। इन सभी बदलावों से प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को एक नया स्वरूप मिलने की उम्मीद है।

 

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