Uttarakhand: उत्तराखंड के विकास को केंद्र का बड़ा संबल प्राइड ऑफ हिल्स योजना के तहत मिले 3460 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु दी जाने वाली विशेष सहायता (SASCI) के अंतर्गत नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन दिशा-निर्देशों के माध्यम से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया गया है। केंद्र सरकार की इस पहल से उत्तराखंड को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि राज्य में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।

इस वर्ष के दिशा-निर्देशों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता “प्राइड ऑफ हिल्स” नाम से जोड़ा गया एक नया और विशेष प्रावधान है। इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य देश के पर्वतीय राज्यों की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस विशेष पहल के अंतर्गत, वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड को 3460 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन प्राप्त होगा। यह भारी-भरकम राशि राज्य में सड़क, संचार, बिजली और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं को गति देने में सहायक सिद्ध होगी।

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए केवल अतिरिक्त आवंटन ही सुनिश्चित नहीं किया है, बल्कि राज्य के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों में लचीलापन भी प्रदान किया है। इसके तहत उत्तराखंड को 765 करोड़ रुपये की सहायता ‘अनटाइड फंड्स’ के रूप में मिलेगी। अनटाइड फंड का अर्थ है कि इस धनराशि के उपयोग के लिए राज्य सरकार पर केंद्र की ओर से कोई कड़ा तकनीकी बंधन नहीं होगा। राज्य सरकार अपनी स्थानीय प्राथमिकताओं, विशिष्ट भौगोलिक आवश्यकताओं और तत्काल जरूरी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इस धन का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेगी।

उत्तराखंड को प्राप्त होने वाली इस बड़ी आर्थिक मदद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर मिल रहे मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग से ही उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम स्थापित कर पा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से उत्तराखंड तेजी से प्रगति की दिशा में अग्रसर है और आने वाले समय में राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राइड ऑफ हिल्स के तहत मिलने वाली यह राशि उत्तराखंड के सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल पर्यटन क्षेत्र को नया विस्तार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के सुधरने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। केंद्र सरकार की इस नई नीति से यह स्पष्ट हो गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों का संतुलित और समावेशी विकास अब राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में मजबूती से शामिल हो चुका है। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति को भी काफी मजबूती मिलेगी।

 

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